बिना इलाज लौट रहे ट्रामा सेन्टर से मरीज

गम्भीर मरीजों को हमारे यहां से कभी वापस नही किया जाता है और बलरामपुर अस्पताल से हमारा टाईअप है। इसके चलते भी वहां पर मरीज भेज दिये जाते हैं।
-डॉ. एससी. तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित ट्रामा सेंटर में बीमार मरीजों को इमरजेंसी भर्ती लगभग बंद कर दी गयी है। यहां आये मरीजों को इलाज के लिए चिकित्सकों द्वारा ओपीडी या बलरामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है । वहीं ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों को लम्बा इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नही मरीजों को इलाज के लिए पूरी-पूरी रात इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके चलते मरीज तथा उसके परिजन रात में ठंड के चलते रैन बसेरा में ठहरने को मजबूर है।
ट्रामा सेंटर में अघोषित रूप से एक्सीडेंटल न्यूरों मरीजों के अलावा बीमार मरीजों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है। बुधवार के दिन ट्रामा सेंटर के बाहर इलाज के लिए मौजूद मरीज रमेश ने बताया कि उसके सिर में दर्द के साथ उलझन हो रही है। उसके बाद भी भर्ती नही किया गया है। यहां के चिकित्सकों ने ओपीडी में दिखाने के लिए कहा है।
इन दिनों रैन बसेरे में रहने वाले दिनेश का कहना है कि उन्हें सीतापुर के जिला अस्पताल से रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत होने पर भेजा गया था। दर्द के कारण उठ भी नहीं पा रहा हूं। इसके बाद भी डाक्टरों ने ओपीडी में डाक्टर को दिखाने का परामर्श देकर बाहर कर दिया। उसका कहना है कि दो बजे ओपीडी पहुंचे तो वहां पर पर्चा बनना बंद हो गया और उसे बाहर कर दिया गया। रैन बसेरा में मौजूद दिनेश सरीखे कई अन्य तीमारदारों ने बताया कि ट्रामा सेंटर में एक्सीडेंट के मरीजों को भी रात में बिस्तर की कमी से बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

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