बिजली संकट से निजात की पूरी तैयारी, सोलर भी देगा साथ

बिजली का विकल्प बन रही सोलर ऊर्जा, बिजली बचाने व पर्याप्त वोल्टेज उपलब्ध कराने में मिल रही सहायता

बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिये रणनीति तैयार
लाइन लॉस घटाने व ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सरकार कर रही कार्य

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी में बिजली की कटौती से आगामी साल से निजात मिल सकती है। इसको लेकर यूपी सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अपने एजेंडे में यूपी में बिजली की आपूर्ति के लिए मजबूत रणनीति तैयार की है। राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने तथा विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए कई योजनाओं पर तेजी से काम कर इन्हें पूरा किया जाना भी विकास एजेंडे में शामिल है। इसके तहत जवाहरपुर, अनपरा-डी, हरदुआगंज विस्तार, पनकी तथा ओबरा-सी तापीय परियोजनाएं पूरी की जा रही हैं।

ऊर्जा संरक्षण की राह पर यूपी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली संकट को दूर करने के लिए सबसे अहम कदम उठाया है। सबसे पहले ऊर्जा पॉवर स्टेशनों से हटकर ऊर्जा संरक्षण की कार्ययोजना बनाई है। इससे लाइन लॉस घटाने के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण भी होगा। जिसमें सबसे पहले बिजली के लाइनलॉस को कम करने की रूपरेखा बनी। उसके साथ ही ऊर्जा के वैक्लपिक प्रबंध करने पर काम शुरू हो गया है। ऊर्जा संरक्षण की मुहिम में मुख्यमंत्री ने आधा दर्जन विभागों की कोर कमेटी भी बनायी है।

सोलर ऊर्जा का बढ़ा उपयोग

यूपी सरकार ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। जो पहले सरकारी विभागों से अमल में लाकर प्रचलन में लाने का काम हुआ है। जिसमें पानी को साफ करके पीने योग्य शुद्ध बनाने वाली आरओ मशीन को सौर ऊर्जा से संचालित किए जाने का प्रयोग रंग लाने लगा है। इसके अलावा सोलर पंखों को सरकारी परियोजनाओं में सबसे पहले लगाकर सफलता पाई गई है। राज्य सरकार ने यह प्रयोग ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों से शुरू करवाए हैं। अब यह संयंत्र आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।

दूर हो सकती है लो वोल्टेज की समस्या
यूपी पॉवर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र के मुताबिक, पहली बार पॉवर कार्पोरेशन को बिजली उत्पादन बढ़ाने से ज्यादा बिजली बचाने की मुहिम में फायदा दिखाई दिया। बिजली की बचत करने वाले एलईडी को सस्ते दामों में बिजली घरों से दिए जाने के फैसले ने बिजली बिल से जुटाए जाने वाले राजस्व को तकरीबन 36 फीसदी बढ़ा दिया। एलईडी बल्बों के लगने से कई शहरों में लोवोल्टेज की समस्या से निजात मिलने लगी है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के सभी बिजली उपकेंद्रों से 48 लाख एलईडी का वितरण किया गया है। जबकि हर दिन एलईडी लगाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।

स्ट्रीट लाइटें, हाईमास्ट भी लगेंगे
यूपी के शहरों से लेकर कस्बों तक में लगने वाली स्ट्रीट लाइटें व सोलर हाईमास्ट की जगमग अब देखने को मिल रही है। इसके अलावा बस अड्डे तथा सार्वजनिक स्थलों को सोलर ऊर्जा से रोशन किए जाने का काम शुरू हो गया है। जिससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा की बचत शुरू हो गई है।

एलईडी की रोशनी बचा रही करोड़ों की बिजली
यूपी पॉवर कार्पोरेशन ने ऊर्जा संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत सभी बल्प व ट्यूबलाइट के स्थान पर रोशनी के लिए एलईडी बल्ब लगाने की अलीप की है। हालांकि एलईडी बाजार में काफी महंगे दामों में मिल रही है। जिसकी वजह से सामान्य परिवार के लिए उसे लगाना संभव न है। ऐसे में बिजली विभाग ने एलईडी बल्ब को सस्ते दामों में अपने बिजली उपभोक्ताओं को देने का फैसला किया है।

सरकारी परियोजनाओं में सौर ऊर्जा शामिल

राज्य सरकार की सभी परियोजनाओं में सौर ऊर्जा को अनिवार्य कर दिया गया है। जिसमें पूरे प्रदेश में बनने वाले लोहिया गांवों में सौर ऊर्जा से रोशनी किए जाने का नियम बना दिया। इन लोहिया ग्राम में बनने वाले लोहिया आवासीय योजना में सोलर पॉवर पैक लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया। जिससे हर गांव में गरीबों के घर बिना बिजली के ही रोशन होने लगे। इसकी शुरुआत भी इटावा और मैनपुरी से हो चुकी है।

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