बिजली की खरीद पर निगरानी रखेगा नियामक आयोग

  • आम जनता को सस्ती बिजली दिलाने की कवायद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पावर कॉरपोरेशन अब मनमाने तरीके से महंगी बिजली की खरीद नहीं कर सकेगा। पावर कॉरपोरेशन ने किस सोर्स से कितनी बिजली खरीदी और क्यों खरीदी इसका ब्योरा पावर कॉरपोरेशन को हर महीने नियामक आयोग को देना होगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग इसकी मॉनिटरिंग करेगा। इसके लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य आईबी पांडेय और एसके अग्रवाल ने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि पावर कॉरपोरेशन के लिए एक राहत की बात है कि आयोग कॉरपोरेशन के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 142 के तहत कार्रवाई नहीं करेगा।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपने आदेश में कहा कि देश के कई राज्यों में एक्सचेंज से सस्ती बिजली खरीदी जा रही है। पावर कॉरपोरेशन को भी सस्ती बिजली खरीदने के उपाय करने चाहिए। पावर कॉरपोरेशन ने जो एआरआर दिया है, उसके मुताबिक पूरे साल में पावर कॉरपोरेशन को ब्योरा देना होगा। आंकड़ों पर गौर करें तो लगभग 49848 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जानी है। जबकि अब तक पावर एक्सचेंज और बाइलेट्रल के जरिए साल भर में 115 करोड़ रुपये की बिजली खरीदने का प्रस्ताव है। इस फैसले के बाद पावर कॉरपोरेशन को अब सस्ती बिजली खरीदनी पड़ेगी।

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