बिजली कटौती बनी मुसीबत

मानसून दस्तक दे चुका है। बरसात और उमस दोनों का सामना करना आम जनता की मजबूरी बन चुकी है। बरसात के बाद निकलने वाली धूप और उसकी वजह से होने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में वक्त-बे-वक्त बिजली गुल होने से गर्मी और उमस में कमरों के अंदर रह पाना मुश्किल हो जाता है।

sanjay sharma editor5उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री राजधानी में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा फेल हो गया है। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में दो से चार घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। इस कारण गर्मी और उसम में घरों के अंदर रह पाना मुश्किल हो गया है। जबकि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने और महंगी बिजली खरीदने की वजह से लगभग 6 रुपये प्रति यूनिट तक का चार्ज वसूला जा रहा है। तब भी मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
मानसून दस्तक दे चुका है। बरसात और उमस दोनों का सामना करना आम जनता की मजबूरी बन चुकी है। बरसात के बाद निकलने वाली धूप और उसकी वजह से होने वाली उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में वक्त-बे-वक्त बिजली गुल होने से गर्मी और उमस में कमरों के अंदर रह पाना मुश्किल हो जाता है। बिजली विभाग के कंट्रोल रूम और क्षेत्रीय उपकेन्द्र पर फोन करने पर समस्या का न तो सही कारण पता चलता है और न ही कब तक समस्या का हल निकलेगा, इसकी जानकारी मिलती है। ऐसे में कई बार आक्रोशित उपभोक्ता उपकेन्द्र पहुंच जाते हैं। वहां तैनात कर्मचारियों की तरफ से उपभोक्ताओं को शांतिपूर्ण ढंग से समझाने की बजाय अभद्र व्यवहार होने पर मारपीट की घटनाएं भी बढऩे लगी हैं। जबकि प्रदेश में अवैध बिजली कनेक्शनों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। सरकारी विभागों से भी बकाया बिल वसूलने में बिजली विभाग को कामयाबी मिल रही है। बिजली के ट्रांसफार्मर को सुधारने का काम निजी कंपनियों के माध्यम से ठेके पर किया जा रहा है। इससे ट्रांसफार्मर खराब होने और सही होने के बीच का गैप कम हुआ है। बिजली विभाग मोबाइल ट्रांसफार्मर की संख्या भी लगातार बढ़ा रहा है, ताकि ट्रांसफार्मर खराब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। इतना ही नहीं शहरी क्षेत्र में अंडरग्राउंड वायर डालकर बिजली के तारों का मकडज़ाल कम करने का काम भी किया जा रहा है। इसके बावजूद अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली की कटौती मुसीबत बनती जा रही है।
बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा। यदि उपभोक्ता कंट्रोल रूम और उपकेन्द्र पर फोन करके शिकायत दर्ज करवाते हैं, तो उन्हें सही जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उपभोक्ताओं को महंगी बिजली दी जा रही है, तो 24 घंटे बिजली की उपलब्धता भी सुनिश्चित करवानी होगी। यदि फॉल्ट होता है, बिजली कटौती होती है, तो उसका कारण और कब तक बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इसकी सही जानकारी भी देनी होगी। तब मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप उपभोक्ताओं को निर्धारित बिजली मिल पायेगी।

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