बाल-बाल बचे लोकदल के नेता

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हजरतगंज में शुक्रवार की सुबह बाथरूम की छत गिरने से विधान परिषद सदन के नेता बाल-बाल बचे। छत गिरने से हडक़म्प मच गया। समाचार लिखे जाने तक छत की मरम्मत कराये जाने का प्रयास जारी था।
लोकदल के विधान परिषद सदन के नेता चौधरी मुस्ताक का सरकारी आवास जी-3 हजरतगंज में पॉर्क रोड पर स्थित है। शुक्रवार की सुबह बाथरूम की छत अचानक नीचे गिर गयी। छत जिस समय गिरी उससे कुछ समय पहले चौधरी मुश्ताक बाथरूम से बाहर आये थे। छत गिरने से हडक़म्प मच गया। मुश्ताक का कहना है कि कमजोर छत होने के कारण गिर गई। फिलहाल वह बाल-बाल बच गये।

अधिकांश सरकारी मकान जर्जर
लखनऊ हो या बनारस, लखीमपुर खीरी हो या बरेली सरकारी मकान मतलब खतरे का घर। ज्यादातर सरकारी कॉलोनियां जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं। अक्सर इन कॉलोनियों से इस तरह की घटनायें सुनाई देती हैं। आम सरकारी आदमी जो इन मकानों में रह रहा है, सशंकित रहता है लेकिन इस बार मामला आम आदमी के प्रतिनिधि के घर का है। सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब प्रतिनिधि का यह हाल है तो आम सरकारी कर्मचारी किस हाल में रह रहे होंगे। मुश्ताक चौधरी भले ही खुद पर हमले होने की आशंका को निराधार बता रहे हैं लेकिन क्या अपराधी इन जर्जर भवनों की आड़ लेकर भविष्य में किसी राजनेता पर बड़ी सजिश नहीं रच सकता। बड़ा सवाल यह है कि सरकार नये भवनों का निर्माण थोक के भाव में करा रही है। ऐसे में पुराने मकानों के रख-रखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

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