बार कोड से डीबार होगा मार्कशीट का फर्जीवाड़ा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अब मार्कशीटों को ऑनलाइन जारी करने की कवायदें शुरू कर दी हैं। अब मार्कशीट पर छात्रों की फोटो के साथ बार कोडिंग डाला जायेगा ताकि छात्रों के साथ-साथ किसी और संस्थान को किसी भी प्रकार की वैरीफिकेशन की असुविधा न हो।
विश्वविद्यालय में चल रहे लम्बे समय से मार्कशीट के फर्जीवाड़े पर किसी प्रकार की लगाम नहीं लगायी जा सकी थी जिसके कारण कई छात्रों का भविष्य संकट में पड़ चुका है। कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी में यूपी सरकार ने प्रदेश भर में अनुदेशकों की भर्ती पर रोक लगा दी थी। यह भर्ती बीपीएड अनुदेशक भर्ती में लखनऊ यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट ही जालसाजों की पसंदीदा रही। लखीमपुर खीरी में जूनियर हाईस्कूल में 423 पदों पर अंशकालिक बीपीएड अनुदेशकों की नियुक्ति के लिए विभाग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच के लिए 60 अभ्यर्थियों के दस्तावेज लविवि भेजे गए जिसमें जांच के दौरान सारी मार्कशीट फर्जी पाई गयी। इस प्रक्रिया में लगभग अब तक 75 मार्कशीट फर्जी पायी गयी। इस पूरी प्रक्रिया ने विश्वविद्यायल की साख पर कई सवाल खड़े कर दिये जिसका जवाब किसी के पास नहीं था। लम्बे समय से फर्जीवाड़ा करने वाले धड़ल्ले से अपना कारोबार चला कर जेबें भर रहे थे। विवि प्रशासन द्वारा भी ऐसे लोगों को पकडऩे के लिए कोई नीति तैयार नहीं की जा सकी। अब यह लोगबेखौफ अपना व्यापार चला रहे थे। ऐसी स्थिति में कई ऐसे लोग परेशान हाल विश्वविद्यालय के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। इस कारण कई लोगों की तनख्वाह रुकी हुई है। इस फर्जीवाड़े को रोकने और छात्रों की असुविधा को रोकने के लिए परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला द्वारा मार्कशीट को ऑनलाइन करने व इसमें छात्रों की फोटो और साथ ही बार कोड की व्यवस्था की गयी है जिसके कारण अब कोई भी मार्कशीट के वैरीफिकेशन के लिए अधिकतम समय लगने के बजाय एक क्लिक में मार्कशीट को वैरीफाई कर सकता है। अब मार्कशीट वैरीफाई के लिये विवि नहीं भेजनी होगी। इससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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