बारिश थमी पर नहीं कम हुईं दुश्वारियां

गोमती का जलस्तर बढ़ा कटान से लोगों में दहशत
सडक़ों पर हुये गड्ïढे उठा रहे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। लखनऊ में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर राजधानीवासियों को जहां तपती हुई गर्मी से राहत दी वहीं लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ा दी हैं। झमाझम बारिश से पूरा शहर सराबोर हो गया। सडक़ें धंस गईं, कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। रही सही कसर गोमती के कटान ने पूरी कर दी। कटान की वजह से गोमती नदी के आस-पास के क्षेत्रों व ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है।
बारिश आते ही सडक़ों के धंसने का सिलसिला शुरू हो गया। कई-कई फीट के दायरे में बन रहे गड्ढे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। शहर के कई इलाकों में सडक़ें धंस गईं। इससे आने-जाने वाले लोग फंसते नजर आये। ऐसे में लोगों ने ही जुगाड़ कर लोगों को खतरे से आगाह कराया। वहीं लगातार सडक़ धंसने के मामले सामने आने के बाद नगर निगम ने सभी अभियंताओं को अलर्ट जारी किया है।
स्कूलों मेेंं भरा पानी
बीकेटी व इटौंजा में हुई झमाझम बरसात से किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है लेकिन प्राथमिक विद्यालय बेलवा, बरगदी मगठ, कठवारा, सरैंया बाजार, तहसील परिसर, सीएचसी बीकेटी, थाना परिसर में पानी भर गया। नगर पंचायत बीकेटी, इटौंजा, महोना व कई ग्राम पंचायत में सडक़ों पर जगहों पर हुए जलभराव से लोग काफी परेशान हुए।
नगर निगम ने जारी किया अलर्ट, तुरंत भरे जाएं गड्ïढेकरोड़ों रुपये खर्च जलभराव रोकने के लिये नगर निगम काम करता है। फिर भी हर साल जलभराव की समस्या से जूझने वाले इलाकों में लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। ऐसे इलाकों के पार्षदों का कहना है कि यह स्थायी समस्या है, इसका एक दिन में समाधान नहीं हो सकता।दहशत में ग्रामीणबीकेटी व इटौंजा में पिछले तीन दिन हुई बरसात के चलते गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसकी वजह से ग्रामीण दहशत में आ गए। इससे इटौंजा के लासा, अकडरियां कलां व खुर्द, दुघरा, हीरापुरवा, जमखनवां, बहादुरपुर गांवों के पास नदी किनारों पर तेजी से कटान होने लगा था। बारिश के बीच गोमती में बढ़ रहे पानी को देखते हुए सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। उसका कहना है कि अगर नदी में पानी बढ़ता है तो कुडय़िाघाट पर बनाया गया अस्थायी बंधा तोड़ दिया जाएगा। हालांकि अभी इसकी नौबत नहीं आई है। हालात को लेकर रविवार को डीएम, सिंचाई विभाग, जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों ने बैठक में चर्चा की। सिंचाई विभाग का कहना है कि कुडय़िाघाट पर बने बंधे की वजह से फैजुल्लागंज व उसके विभिन्न हिस्सों में पानी नहीं भरा है, बल्कि वे इलाके नदी के स्तर से भी नीचे हैं और लगातार निर्माण नदी की ओर बढ़ता जा रहा है, जिससे पानी को मोहल्लों की ओर मुडऩे का रास्ता मिलने लगा है। इस पानी को निकालने में सिंचाई विभाग ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग के एक्सईएन रूप सिंह ने बताया कि निचली इलाके में पानी नदी से आ रहा है उसे निकालकर नदी में डालना संभव नहीं है। इन जमीनों पर केवल खेती के लिए मालिकाना हक दिया जाता है, पक्के निर्माण के लिए नहीं।

बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर बढऩे के कारण नदी से सटे हुये क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। गोमती में हुई कटान के कारण पुराने लखनऊ के आसपास के कई क्षेत्रों में जलभराव के चलते लोगों ने बालू की बोरियां लगाकार अपने आवागमन की व्यवस्था की है। वहीं दूसरी ओर बारिश ने शहरी इलाकों को भी काफी क्षति पहुंचायी है। बरसात के कारण जगह-जगह सडक़ें कई फिट तक धंस गई हैं, जिससे आम लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

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