बारिश का कहर

उत्तराखंड में हाल ही में बादल फटने की घटना सामने आई थी। इस कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गई थी। सरकार के सामने लोगों के जानमाल की सुरक्षा और बाढ़ में फंसे लोगों के खान-पान का प्रबंध करना भी बड़ी चुनौती बन गई।

sanjay sharma editor5बरसात ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उज्जैन, छत्तीसगढ़ समेत अधिकांश राज्यों में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति से लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं बरसात की वजह से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। उनमें फसलों की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद जगने लगी है। जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।
उत्तराखंड में हाल ही में बादल फटने की घटना सामने आई थी। इस कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गई थी। सरकार के सामने लोगों के जानमाल की सुरक्षा और बाढ़ में फंसे लोगों के खान-पान का प्रबंध करना भी बड़ी चुनौती बन गई। भूतकाल पर नजर डालें, तो उत्तराखंड को प्रलय और बाढ़ ने काफी नुकसान पहुंचाया है। यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार घट रही है। जो सरकार के लिए चिन्ता का विषय है। इसी तरह देश की राजधानी दिल्ली के दर्जनों इलाकों में शनिवार को हुई भयंकर बारिश के कारण सड़कों पर तीन से चार फिट ऊंचाई तक पानी भर गया है। सैकड़ों गाडिय़ां बरसात में फंसी हुई हैं। लोगों का राह चलना दूभर हो गया है। स्कूली बच्चों और आफिस में काम करने वाले लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग बेघर हो गये हैं। जिन लोगों के लिए फुटपाथ ही रात गुजारने का सहारा था। उनके सामने सोने की समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल मानसून की दस्तक के बाद महाराष्ट्र का सांगली और भिवंडी जिले में बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन प्रभावित है। इसके अलावा मध्य प्रदेश , उज्जैन, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना, मराठवाड़ा, विदर्भ और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके काफी प्रभावित हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बनारस से लेकर सोनभद्र, आजमगढ़, मिर्जापुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली आदि जिलों में भी भयंकर बरसात की वजह से खेतों में पानी भर गया है। इससे किसान काफी खुश हैं। धान की रोपाई में काफी लाभ मिला है। लेकिन आम जनता का जनजीवन काफी प्रभावित हो गया है। जल निकासी और नालों की सफाई के नाम पर करोड़ो रुपया डकारने वाले सरकारी विभागों की पोल खुल रही है। जो सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करता है।
देश के अधिकांश राज्यों में होने वाली बरसात भले ही लोगों के लिए समस्या का सबब बन गई हो लेकिन अच्छी बरसात का खाद्यान्न के उत्पादन पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने भी इस बार अच्छी बारिश की संभावना जताई है। इसलिए आने वाले समय में जलजमाव और बाढ़ की समस्याएं और बढ़ेंगी। इसलिए समय रहते बाढ़ से प्रभावित इलाकों में रहने वालों को सुरक्षा के इंतजाम कर लेना चाहिए।

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