बायोमेट्रिक प्रणाली से मिलेगा राशन, मुख्यमंत्री करेंगे शुरुआत

  • जिले में पांच अगस्त से होगी बायोमेट्रिक राशन वितरण प्रणाली की शुरुआत

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का राशन अब बायोमीटिक प्रणाली से मिलेगा। राजधानी में दो अगस्त को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बायोमेट्रिक प्रणाली से राशन वितरण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे लेकिन रोस्टर के हिसाब से नगर निगम क्षेत्र की सभी दुकानों पर बायोमीटिक राशन वितरण प्रणाली पांच अगस्त से शुरू होगी।
आपूर्ति विभाग की तरफ से राजधानी की सभी 666 दुकानों पर इस प्रणाली की शुरुआत के लिए कोटेदारों को प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। 121 कोटेदारों का प्रशिक्षण पूरा होने के साथ ही उन्हें मशीनें भी हस्तांतरित कर दी गईं। 100-100 दुकानदारों के प्रशिक्षण का कार्य शुरू हो गया है। पांच अगस्त तक 521 दुकानदारों का प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। शेष दुकानदारों को भी इसी महीने प्रशिक्षित कर मशीने हस्तांतरित कर दी जाएंगी। जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने बताया कि इस प्रणाली से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का राशन कार्ड वैध धारकों को ही मिल सकेगा। इसके अलावा राशन वितरित न होने पर उसका रिकॉर्ड भी आसानी से मिल जाएगा।
बायोमेट्रिक प्रणाली के अंतर्गत अब कार्डधारक को ही खाद्यान्न मिल सकेगा। हालांकि उनके न जा पाने की स्थिति में उनके परिवार का कोई भी सदस्य, जिसका नाम कार्ड में दर्ज है, उसे राशन देने की व्यवस्था कुछ दिनों तक रहेगी। जिला पूर्ति अधिकारी का दावा है कि इस नई प्रणाली से राशन की कालाबाजारी पर न केवल रोक लगेगी बल्कि कोटेदारों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। गौरतलब है कि राजधानी में राशन वितरण में धांधली की शिकायतें आम हो गई हैं। इतना ही नहीं राशन गोदामों में भी राशन के उठान और रख-रखाव की स्थिति बदहाल है। इसी वजह से प्रशासन ने राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और धांधली रोकने की दिशा में कारगर कदम उठाने का प्रयास किया है।

Pin It