बातचीत के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं रोशनदान भी खुले

हुॢरयत नेताओं को राजनाथ सिंह का दो टूक जवाब

  • कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर अब पैलेट गन की जगह पावा शेल का होगा इस्तेमाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
6लखनऊ। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में हुर्रियत नेताओं के अडिय़ल रवैये पर दो टूक टिप्पणी की है। उन्होंने आज एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि जिस तरह हुर्रियत नेताओं ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत से इनकार किया है, साफ जाहिर है कि उनके दिल में कश्मीरी आवाम के लिए न तो इंसानियत है और न ही कश्मीरियत। जबकि केंद्र और राज्य सरकार घाटी में शांति का माहौल तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जहां तक मामले के समाधान की बात है, तो मैं हुर्रियत नेताओं से कहना चाहता हूं कि बातचीत के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं, हमारे रोशनदान भी खुले हैं।

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा

राजनाथ सिंह ने कहा कि हर कोई कश्मीर में हालात सुधारने के लिए चिंतित है। एक बात मैं तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट कर दूं कि जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न अंग था, भारत का अंग है और हमेशा रहेगा। इसमें कोई दो मत नहीं है। अगर कोई बातचीत के लिए जाता है और हुर्रियत के नेता बात नहीं करते हैं तो साफ जाहिर है कि उनका इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत में कोई भरोसा नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि हम घाटी में शांति बहाली के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं। हम राज्य सरकार के साथ हर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। हम शांति चाहने वालों से बात करने के लिए तैयार हैं। इसलिए जो लोग मसले का हल चाहते हैं। उन्हें वार्ता के लिए आगे आना चाहिए।

पहले घर के लोगों से होगी बात

हुर्रियत नेताओं की ओर से कश्मीर मसले पर पहले पाकिस्तान से बातचीत की शर्त पर गृह मंत्री ने कहा कि हम पहले देश में रहने वाले अपने लोगों से बात करेंगे। कश्मीर की आवाम क्या चाहती है, यहां के लोगों की समस्या क्या है, इसको लेकर बात की जायेगी। उसका समाधान निकाला जायेगा। गृह मंत्री ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर अब पैलेट गन की जगह पावा शेल का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा कश्मीरी छात्रों की समस्याओं के लिए भी एक कमेटी बनाई गई है, जिसे डॉक्टर संजय राय हेड कर रहे हैं। उम्मीद है कि बहुत जल्द कश्मीरी छात्रों की समस्याओं का भी समाधान कर लिया जायेगा।

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