बागों में पड़ गये हैं सावन के मस्त झूले, ऐसा समां जो देखा राही भी राह भूले…

सावन का महीना हो और कहीं पेड़ पर पड़ा झूला न दिखे, ऐसा हो ही नहीं सकता। उस पर गु्रप में बैठकर जब बच्चे लम्बी-लम्बी पेंग भर रहे हों तब तो यह नजारा देखने के लिए किसी का भी ठहर जाना लाजिमी है। मोहनलालगंज में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां एक पेड़ पर पड़े पारंपरिक झूले पर झूल रहे बच्चों का आनंदित होना देखते ही बन रहा था। इस नजारे को फोटो जर्नलिस्ट सुमित कुमार अपने कैमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाये।

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