बहुत गहरी है उत्तराखंड संस्कृति की नींव: राज्यपाल

राज्यपाल ने उत्तरायणी मेला ‘कौथिग-2016’ का किया उद्ïघाटन
रंगारंग कार्यक्रम की गूंज ने बढ़ाई मेले की शोभा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तराखण्ड आकार की दृष्टि से चाहे छोटा हो लेकिन उसकी संस्कृति की नींव बहुत गहरी है। वहां लोग अपनी संस्कृति को प्यार करते हैं और उसको नहीं भूले। वहां के लोगों ने देश की आजादी में भी अहम भूमिका निभाई। यह बातें राज्यपाल ने उत्तरायणी मेला(कौथिग-2016) के उद्ïघाटन समारोह में कहीं। इस दौरान विविध रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
यूपी के राज्यपाल, राम नाईक ने गोमती नदी तट पर स्थित गोविन्द बल्लभ पंत उपवन में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी मेला का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर सुरेश चन्द्र पंत को अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह व सम्मान राशि देकर ‘पर्वत गौरव‘ सम्मान से विभूषित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आकार की दृष्टि से चाहे छोटा हो लेकिन उसकी संस्कृति की नींव बहुत गहरी है। भारत की संस्कृति का जो वट वृक्ष बना है उसका पौधा उत्तराखण्ड में रोपा गया है। हिमालय की गोद और गंगा की धारा से निकली उत्तराखण्ड की संस्कृति श्रेष्ठ है। वहाँ की भाषा, वेशभूषा, खान-पान और शूरता अपने आप में विशेष है। उत्तराखण्ड के लोग अपनी संस्कृति को नहीं भूले। वे सम्मान भी देते हैं तो पर्वत गौरव के नाम से देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गौरव पर्वत सम्मान पाने वाले सुरेश चन्द्र पंत से प्रेरणा लेकर समाज सेवा का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने देश की आजादी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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