बली प्रेक्षागृह में भारतीयम नाट्य समारोह कल से

तीन दिवसीय कार्यक्रम में दो हास्य नाटकों संग मंचित होंगी दो कहानियां
नाट्य समारोह में प्रवेश रहेगा नि:शुल्क

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भारतेन्दु नाट्य अकादमी की तरफ से राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय नाट्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न नाट्य संगठनों की तरफ से हास्य और व्यंग से परिपूर्ण नाटकों का मंचन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में प्रस्तुत नाटकों का निर्देशन वरिष्ठ निर्देशक पुनीत अस्थाना ने किया है।
भारतीयम संस्था की निदेशक रत्ना आनंद ने बताया कि उनकी संस्था 25 वर्षों से स्टेज शो के माध्यम से सामाजिस मुद्दों को उठाने का काम कर रही है। अब तक संस्था 85 से अधिक थिएटर वर्कशॅाप ऑर्गेनाइज करा चुकी है। इन वर्कशॉप के ट्रेन आर्टिस्ट स्टेज शोज ही नहीं टेलीविजन सीरियल्स और फिल्मों तक में कार्य कर रहे हैं। संस्था अन्य नाट्य संस्थाओं के साथ मिलकर भी कई सफल थिएटर फेस्टविल भी आयोजित कर चुकी है। इसी के तहत तीन दिवसीय भारतीयम् ड्रामा फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जो 1 से 3 सितम्बर 2015 तक कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आर्गेनाइज किया गया है। इन सभी नाट्य प्रस्तुतियों का निर्देशन प्रदेश संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से अलंकृत वरिष्ठ निर्देशक पुनीत अस्थाना ने किया है। इसमें 1 सितम्बर को सबरंग थिएटर ग्रुप की प्रस्तुति इश्क पर जोर नहीं का मंचन होगा। सुप्रसिद्ध फ्रांसीसी नाटककार पियरे बोमार्शिए की कालजयी रचना द बारबर ऑफ सिविली का हिन्दुस्तानी जुबान में अनुवाद जेएन कौशल ने गाजीपुर का हज्जाम् नाम से किया है। नाटक में नवाब अनवर और रौशनी की प्रेम कहानी के बीच पनपी बड़े मियां, बब्बन खॉं के इश्क की कहानी को हास्य की चाशनी लगाकर परोसा गया है। 2 सितम्बर को शिवांजनी थिएटर गु्रप की ओर से लम्हे और बीहड़ में दावत शीर्षक से दो प्रस्तुतियां होंगी। पहली प्रस्तुति लम्हे निर्मल वर्मा की कहानी डेढ़ इंच ऊपर पर आधारित है। इस में योरोपीय व्यक्ति को अपनी पत्नी के सत्ता विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के राज और अपनी वैवाहिक प्रेम कहानी के बीच झूलते दर्शाया गया है। इस संध्या की दूसरी प्रस्तुति नाग बोडस की सुप्रसिद्ध कहानी बीहड़ में दावत पर आधारित हंै। यह कहानी चंबल के बीहड़ में रहने वाले लोगों के अजब गजब आतिथ्य की रोचक झांकी पेश करती है जिसमें एक पल में वह अतिथि देवो भव की भावना त्याग कर अतिथि पर बंदूक तक तान देते हैं। 3 सितम्बर को थर्ड विंग थिएटर गु्रप की ओर से गुले गुलफाम का मंचन किया जायेगा। इटली के अत्यन्त लोकप्रिय नाटककार कार्लो गोल्डोनी ने 1775 में द सर्वेन्ट आफ टू मास्टर्स नाम से इस नाटक की रचना की थी। इस कॉमेडी नाटक में शबनम और आरिफ की लव स्टोरी के बीच आए मस्खरे और मतलबी गुलाम गुलफाम की हरकतें दर्शको का भरपूर मनोरंजन करेंगी।

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