बलरामपुर अस्पताल में बिजली गुल होना जारी

शाम तक इंतजार करते रहे मरीज, नहीं हो पाईं जांचें

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्य सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है। गुरुवार को बलरामपुर अस्पताल में घंटों बिजली गुल रही, जिससे मरीजों की जांचों पर संकट खड़ा हो गया। तमाम मरीजों को बिना जांच के वापस लौटना पड़ा।
बताते चलें कि बलरामपुर अस्पताल में 11.4 केवीए का ट्रांसफार्मर 2005 से स्थापित है। संबंधित उपकेंद्र के माध्यम से बलरामपुर अस्पताल में निर्बाध आपूर्ति लेसा के माध्यम से की जाती है। 18 जून के बाद लगातार दूसरी बार बलरामपुर अस्पताल में बिजली गुल होने का मामला सामने आया है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी साफ दिख रही है। तमाम मरीजों को जांच कराके ओपीडी में दिखाना था लेकिन बिजली गुल होने से मरीजों का इंतजार और बढ़ गया है। जांच अटकने से जहां मरीजों को शाम तक बिजली आने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा वहीं तमाम मरीज डॉक्टर को अगले दिन ही दिखा पाएंगे। सीतापुर निवासी महेश अपनी पत्नी को लेकर आये हैं, जब तक उनका जांच का नंबर आया, तब तक लाइट चली गई। महेश का कहना है कि आज डॉक्टर से भी जांचेदिखवानी थी लेकिन जांच ही नही हो पाई है। अब कल फिर इतनी दूर से आना पड़ेगा, यहां रूकने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में तमाम मरीजों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में एक जनरेटर भी लगा है, बिजली चली जाने पर उसी से विद्युत आपूर्ति की जाती है लेकिन जांच मशीन का संचालन जनरेटर से नहीं हो पाता है क्योंकि इन मशीनों के संचालन के लिए अधिक वोल्टेज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने पर जांचें भी ठप हो जाती हैं। इस मसले पर असपताल के डायरेक्टर एमजे असलम का कहना है कि अस्पताल में बिजली गुल हो जाने के कारण जिन मरीजों की जांचे नहीं हो पाई हैं, बिजली आने पर उनकी जांचें शाम तक की जायेगी।
बैठे रहे अधिकारी
अस्पताल में बिजली जाने से एक तरफ मरीजों के बीच अपरातफरी का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ बलरामपुर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेगी। अधिकारियों ने एक बार भी अस्पताल का जायजा लेना उचित नहीं समझा। इससे अस्पताल के आला अधिकारियों का मरीजों के प्रति संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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