बलरामपुर अस्पताल में जारी है गुंडाराज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में कर्मचारियों का गुंडाराज जारी है। पिछले कई महीनों से तमाम विवादों में रहने वाले इस अस्पताल के कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते 21 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने बलरामपुर अस्पताल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान तमाम खामियां मिलने पर उन्होंने अस्पताल के डायरेक्टर और सीएमएस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका तबादला कर दिया। इसके बावजूद बलरामपुर अस्पताल की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही।
अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से मरीजों के साथ आये दिन बदसलूकी की जा रही है। इनके अंदर मरीजों के प्रति संवेदना नाम की कोई चीज नहीं है। जरा-जरा सी बातों पर मरीजों से अभद्रता करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालात ये हैं कि मरीज अपनी बात कहने से भी डरते हैं। उन्हें डर है कि कहीं वह कर्मचारियों के कोप का शिकार न हो जाये। बीते बुधवार को पर्चा काउंटर पर बैठे बाबू मनोज मिश्रा ने पर्चा काटने को लेकर मरीजों से अभद्रता की। जिसकी शिकायत मरीजों ने अस्पताल के डायरेक्टर डॉ एमजे असलम और सीएमएस डॉ एनएन त्रिपाठी से की है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के कर्मचारी अपनी मनोवृत्ति में सुधार करें नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
असंवेदनशील हैं कर्मचारी
बलरामपुर अस्पताल के पर्चा काउंटर पर बैठने वाले कर्मचारी इतने असंवेदनशील हैं कि वे एक रूपये खुले न होने पर पर्चा ही नहीं काटते। भले ही बीमार मरीज वहीं पड़ा रहे। पर्चा काउंटर पर बैठे कर्मचारी मनोज मिश्रा ने 10 की नोट लाये व्यक्ति को कई मिनटों तक खड़ा रखा। बाद में मरीज के बार-बार कहने पर झल्ला उठा। जबकि कर्मचारी के पास टूटे भरे हुए पड़े थे। इतना ही नहीं मरीजों को से ऐंठकर बात करना उसकी आदत में शामिल है। मरीजों के प्रति संवेदनशीलता नाम की चीज ही नही है। सूत्रों की मानें तो पर्चा काउंटर पर आये दिन मरीजों के साथ दुव्र्यवहार किया जाता है। जब कोई मरीज अपनी बात कर्मचारी के सामने रखता है तब वह अपनी ऊंची पहुंच दिखाते हैं कि जो कुछ करना है कर लो।

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