बर्खास्त सपा के नौजवानों को सीएम के रुख का इंतजार

  • अनुशानहीनता का आरोप लगाकर सात युवा नेताओं को पार्टी से किया गया है निष्कासित

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी से अनुशासनहीनता के मामले में बर्खास्त यूथ विंग के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है। जिन लोगों ने अखिलेश यादव के समर्थन में मुलायम और शिवपाल यादव के खिलाफ नारेबाजी की और उनका सम्मान वापस दिलाने की मांग की थी, अब उनका सम्मान और भविष्य दांव पर है। ऐसे में अपने करीबी नेताओं का सम्मान वापस दिलाने और उनको पार्टी से निकाले जाने के मसले पर अखिलेश यादव क्या कदम उठाते हैं। इसका यूथ विंग के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सादगी, व्यवहार कुशलता और विकासवादी नीति के कारण युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने युवाओं से सपोर्ट और अपने सोशल मैनेजमेंट की बदौलत पार्टी को बहुमत दिलाया था। ये अलग बात है कि उन्होंने कभी उसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं की। अखिलेश के इर्द-गिर्द युवाओं की एक मजबूत टीम हमेशा से खड़ी रहती है। ये टीम उनके सुख-दु:ख और तमाम राजनीतिक उठापटक में साथ देती है। इसी वजह से अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद सुनील सिंह साजन, आनन्द भदौरिया, संजय लाठर और यूथ विंग के अन्य नेताओं ने अखिलेश यादव को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाने और उनका सम्मान वापस दिलाने को लेकर प्रदर्शन किया। इन कार्यकर्ताओं ने अपने भविष्य को दांव पर लगाकर मुलायम सिंह यादव से मिलकर अखिलेश को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग भी रखी। ये पार्टी के नौजवानों का अखिलेश प्रेम ही था, जिसकी वजह से हजारों युवा कार्यकर्ताओं की भीड़ 5केडी के बाहर मौजूद रही। ये लोग अखिलेश के समर्थन में तब तक डटे रहे, जब तक उन्हें सपा के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बना दिया गया। अखिलेश के सम्मान को ठेंस पहुंचने का दु:ख इन युवाओं को था, जिसकी वजह से उन्होंने कुछ ऐसा काम भी किया, जो पार्टी के लोगों की नजर में अनुशासनहीनता था। इसलिए अब टीम के नौजवानों को पार्टी के निकाले जाने के बाद अखिलेश यादव क्या करेंगे। इस पर सबकी निगाह टिकी हुई है। क्योंकि पार्टी के जिन लोगों को निष्कासित किया गया है, वो अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। इससे पहले भी एक बार अखिलेश ने अपने करीबियों को पार्टी में वापसी करवाने का काम बखूबी किया था। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अखिलेश यूथ विंग के लोगों को पार्टी में वापस लाने के लिए कुछ न कुछ जरूर करेंगे।

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