बदलते मौसम में डायरिया से रहें सावधान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बदलते मौसम के साथ डायरिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। दुबग्गा, काकोरी, फैजुल्लागंज सहित पुराने लखनऊ के कई वार्डों में कहर बरपाने के बाद राजाजीपुरम में डायरिया के प्रकोप से कई बच्चे और बड़े लोग बीमार हो गये हैं। मरीजों को राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालाकि स्थित अब कंट्रोल में है और ज्यादातर मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
दूषित जल पीने के साथ लोगों की लापरवाही के कारण शहर के कई इलाके डायरिया की चपेट में आ गये हैं। डायरिया के प्रकोप से बचने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की ओर से राजधानी सहित पूरे प्रदेश में करीब एक लाख ओआरएस कार्नर खोले गये हैं लेकिन लेागों को जानकारी ही नहीं है जिससे सरकार की ओर से चलाई गई येाजना पर पानी फिर रहा है। इसके आलावा लेाग गंभीर होने का लापरवाही दिखाते हैं जिससे समस्या और बढ़ जाती है। डायरिया पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण है। बीते हफ्ते में पूरे देश में 469 केस सामने आए थे। ऐसी स्थिति में डायरिया, इससे बचाव के लिये जागरूकता जरूरी है। डायरिया से होने वाले निर्जलीकरण और खनिज पदार्थों की कमी मृत्यु का प्रमुख कारण होते हैं। इससे बचाव और इलाज के लिए उचित साफ-सफाई रखना जरूरी है।

डायरिया फैलने का कारण
बरसात में वायरल डायरिया से लोग अधिक ग्रसित होते हैं। इसकी मुख्य वजह दूषित पानी और खाना-पीना है। रोटा वायरस और नोरो वायरस इंफेक्शन फैलाते हैं, जिससे पांच साल के छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों में भी डायरिया होने की आशंका रहती है। एडेनोवायरस हर उम्र के लोगों में डायरिया फैलाता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी डायरिया होता है। एंटीबायोटिक गोलियां खाने से भी कभी-कभी डायरिया हो जाता है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक न खाएं।

बीमारी के लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक डायरिया में सबसे बड़ी समस्या होती है यूरिन की कमी। यह घातक भी हो सकता है। इसके अलावा पानी के साथ लूज मोशन, पेट दर्द व ऐंठन, तेज बुखार और शरीर में पानी की अचानक कमी डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं। पानी की कमी से मुंह सूखने लगता है, उम्रदराज लोगों की त्वचा में सिकुडऩ, अधिक नींद आना, कुछ खाने या पीने की इच्छा न करना, छोटे बच्चों की आंखें धंसना और यूरीन में परेशानी आती है।

डायरिया होने पर ये बरतें सावधानी
1-डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को दिखायें
2-बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाते रहें। दाल का पानी पिलाना भी फायदेमंद है।
3-नमक और चीनी का घोल बनाकर दे सकते हैं।
4-डायरिया में दूध बिल्कुल न पिएं।
5-खाने में वसा युक्त भोजन बिल्कुल शामिल न करें।

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