बदलते मौसम के साथ बढ़े सांस और हृदय रोगी

बुजुर्ग और बच्चों का रखें विशेष ध्यान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मौसम के बदलते मिजाज के साथ अस्पतालों में सांस और हृदय के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सिविल अस्पताल से लेकर बलरामपुर अस्पताल तक चाहे ओपीडी हो या फिर वार्ड हर जगह मरीजों की संख्या में 15 से 2० प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि ठंड बढऩे के चलते वातावरण में नमी की कमी हो जाती है। जिससे सांस की नली में सूखापन हो जाता है।
इस कारण सांस के रोग उत्पन्न करने वाले वैक्टीरिया सांस नली में चिपक जाते है। जिससे संक्रमण अन्दर तक चला जाता है। इसके बचाव के लिए मौसम में परिवर्तन होते ही खान-पान को सुधारना चाहिए साथ ही चिकित्सकों से सलाह लेती रहनी चाहिए। सांस के रोगियों को चाहिए कि वो जब भी बाहर जाये तो मास्क का प्रयोग करे। खांसी , बुखार और शरीर में थकान होने पर सावधान रहने की आवश्यकता होती है। यदि किसी व्यक्ति को खांसी के साथ खून भी आने लगे तो तुरन्त चिकित्सक के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए। ठंड के मौसम में बच्चों के साथ बुजुर्गो को सबसे अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है। बदलते मौसम में लोग कमरों में दुबक कर बैठ जाते है साथ ही बंद कमरों में हीटर का प्रयोग करने लगते है। ऐसा बिलकुल नही करना चाहिए। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख कर सांस सम्बन्धित बीमारियों से बचा जा सकता है।

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