बड़े लोगों की बदौलत फलफूल रहा सेक्स रैकेट का धंधा

कहीं मजबूरी तो कहीं अय्याशी के चलते आते हैं युवक और युवतियां
ऐसे मामलों में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करती नजर आती है पुलिस

Capture गणेश जी वर्मा
लखनऊ। राजधानी में सेक्स रैकेट का धंधा बड़े लोगों की बदौलत ही फलफूल रहा है। छापेमारी में कई बड़े माननीयों का नाम आया है और सबसे बड़ी बात गोमतीनगर एरिया सेक्स रैकेट का धंधा करने का बड़ा क्षेत्र बनता जा रहा है। गोमतीनगर एरिया वीआईपी एरिया में जाना जाता है। ज्यादातर लोग गोमतीनगर में अपना आशियाना बनाने के लिए उतावले हैं। कारण है कि गोमतीनगर में नेता, अधिकारियों के साथ ब्यूरोक्रेट्स भी रहते हैं। लेकिन गोमतीनगर सहित राजधानी के अन्य थाना क्षेत्रों में जिस तरह से सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हो रहा है उससे साबित हो रहा है कि आने वाले समय में नवाबों की नगरी इसी कुकर्म के लिये प्रसिद्ध हो जायेगी। पिछले कई वर्षों से राजधानी में पुलिस सेक्स रैकेट का पर्दाफाश कर रही है।
सेक्स रैकेट में शामिल आम आदमी के बजाय खास लोग अधिकतर हैं। कारण है कि इनके ऊपर जहां पुलिस मेहरबान रहती है वहीं दूसरी तरफ इनके लिए हजारों और लाखों रुपए का कोई मतलब नहीं होता है। विगत पिछले दिनों सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ तो कई चौकाने वाले तथ्य उभर कर सामने आए। पकड़ी गई कॉलगर्ल ने साफ तौर पर कहा कि यह उसका पेशा है। उसे एक वर्ष में दो करोड़ रुपए कमाने हैं। इसके लिए वह कार्य करती है। कालगर्ल की बात सुनकर अधिकारी भी चौंक गए। लेकिन नाम मात्र की कानूनी कार्रवाई करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। कई बार पकड़ी गई कोमल खत्री और राजा का नाम भी पुलिस के सामने आया। लेकिन पहले से बदनाम पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करती रही। फिलहाल कोमल और उसकी बेटी की हत्या के बाद उसके अन्य कर्मचारी धंधे को आगे बढ़ाने में लगे हुये है। विगत जनवरी माह में गोमतीनगर पुलिस ने तीन युवतियों सहित 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। जिसमें बीएसपी के नेता सहित इलाहाबाद प्राधिकरण के वीसी का नाम भी सामने आया था। सबसे अहम बात है कि इस तरह के लोग यदि ऐसे कुकर्म में शामिल हैं तो समाज की हालात क्या होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

पकड़े गए सेक्स रैकेट

जून 2003
गोमतीगनर के विक्रम खंड में एक निलम्बित सिविल जज को सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
वर्ष 2013
सीओ विद्यासागर ने विपुलखंड स्थित 5/184 मकान में छापा मारकर पांच युवतियों सहित 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। जहां यह भी खुलासा हुआ कि युवतियां नेपाल, बंगाल, दिल्ली, नोएडा, गुडगांव से प्लेन के माध्यम से आती है। जिनकी एक रात की कीमत 20,000 रुपए से लाखों रुपए तक है।
31 दिसम्बर 2014
देर रात गोमतीनगर थाने पहुंची नासिक की कॉलगर्ल ने आरोप लगाया था कि उसके साथ सम्बन्ध बनाने के बाद युवकों ने उसका पर्स लूट लिया। पुलिस ने इसे गुडवर्क बनाते हुए छापेमारी का नाम दिया। हालांकि उसके लूटे गए रुपए का कुछ पता नहीं चला।
वर्ष 2014
गोमतीनगर विस्तार में रंगरेलियां मनाते हुये पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उक्त कार्रवाई कॉलोनी वासियों के आगे आने पर की थी। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता का भतीजा भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक सभी अपनी महिला मित्रों के साथ रंगरेलियां मना रहे थे।
वर्ष 2014
जब अजीत सिंह चौहान गोमतीनगर थानाध्यक्ष रहे तब भी सेक्स रैकेट का मामला सामने आया था। जहां इनके ऊपर करोड़ों रुपए लेकर युवतियों को प्लेन से भेजने का आरोप लगा था। वर्तमान में अजीत सिंह चौहान वजीरगंज थानाध्यक्ष हैं।
19 जुलाई २०१५
को चिनहट पुलिस ने चार महिलाओं के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार कर सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। इस मामले में एक स्थानीय पुलिसकर्मी का नाम भी सामने आया।

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