बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…

-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…। यह लाइन पूरी तरह से सटीक बैठती है सीओ मोहनलालगंज के पद पर मौजूद रहे क्षेत्राधिकारी राकेश नायक पर। एक अधिकारी के रहमोकरम पर यातायात सहित मोहनलालगंज के सर्किल अफसर रहने के बाद वर्तमान में राकेश नायक को डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने मॉडर्न कंट्रोल रूम भेज दिया है।
कानपुर के चर्चित ज्योति हत्याकांड के मामले में आरोपी का माथा चूमने पर निलम्बित किये गये सीओ राकेश नायक का लखनऊ स्थानान्तरण हुआ था। सूत्रों की मानें तो नायक के स्थानान्तरण में तत्कालीन एसएसपी यशस्वी यादव का अहम योगदान था। लखनऊ स्थानान्तरण के बाद राकेश नायक को सीओ यातायात के साथ ही सीओ मोहनलालगंज का प्रभार भी सौंप दिया गया। जब तक यशस्वी यादव एसएसपी रहे श्री नायक का बोलबाला था लेकिन उनके जाने के बाद कई अधिकारियों के ऊपर डीआईजी की कलम तलवार बनकर चल गई। सूत्रों की मानें तो कार्य में कुशल नहीं होने के बाद भी दारोगाओं सहित कुछ क्षेत्राधिकारियों को मलाईदार पोस्टिंग मिल गई थी। वर्तमान में कानून-व्यवस्था को कायम रखने के लिए डीआईजी ने कई थानाध्यक्षों के साथ क्षेत्राधिकारियों के भी स्थानान्तरण किये हैं। सबसे पहले तो श्री चतुर्वेदी ने सीओ राकेश नायक के पास मौजूद सीओ यातायात का अतिरिक्त प्रभार लिया। उसके कुछ दिन बाद ही राकेश नायक को मोहनलालगंज सीओ के पद से हटाते हुए मॉडर्न कंट्रोल रूम में स्थानान्तरण कर दिया। जबकि पुराने लखनऊ में उन अधिकारियों पर डीआईजी ने विश्वास रखा जो पूर्व में भी रह चुके हैं। जिसमें सीओ सर्वेश मिश्रा, इंस्पेक्टर आईपी सिंह सहित कई लोग शामिल हैं।

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