बड़े जुल्म ढायौ सैंया

  • कई माह तक किया बलात्कार, पुलिस से बचने के लिए की शादी 
  • अमेठी जनपद के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र का मामला
  • न्याय के लिये महिला आयोग पहुंची पीडि़ताCapture

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिस लडक़ी को शादी का झांसा देकर भगाकर लाया, उसी के साथ महीनों बलात्कार किया। जब पता चला कि लडक़ी गर्भवती है तो उसे छोडक़र फरार हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो कानून के शिकंजे से बचने के लिए शादी कर ली। लडक़ी को बहला-फुसलाकर मुकदमे में समझौता करा लिया। इतना ही नहीं उसकी कोख में पल रहे बच्चों को भी नहीं छोड़ा। जबर्दस्ती उसका गर्भपात करा दिया। तरह-तरह से उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। किसी तरह ससुराल से जान बचाकर भागी। अब लडक़ी न्याय के लिए भटक रही है। आला अफसरों से फरियाद की पर किसी ने नहीं सुनी तो राज्य महिला आयोग में न्याय की गुहार लगाई है।
अमेठी जनपद के थाना शिवरतनगंज क्षेत्र के ग्राम टेढ़ई निवासी अनीता (काल्पनिक नाम) को उसके पड़ोस के रहने वाले राजवीर सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी ग्राम कुशुम्भी थाना शिवरतनगंज ने 30 अगस्त 2014 को शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ लखनऊ ले आया। अनीता के मुताबिक राजवीर ने उसके साथ कई माह तक बलात्कार किया। जब भी वह शादी की बात करती वह उसकी पिटाई करने लगता। जब राजवीर को पता चला कि वह गर्भवती है तो उसे छोड़ फरार हो गया। फिर अनीता ने इस मामले में शिवरतनगंज थाने पर धारा 376, 506, 323 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया, जिसका मुकदमा अपराध संख्या 767/2014 है। अनीता ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने पर राजवीर के परिजन पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए शादी करने की बात करने लगे। उसके परिजनों ने कहा कि वह उसका ख्याल रखेंगे। इस वादे पर अनीता शादी करने के लिए तैयार हो गई। 5 फरवरी 2015 को गायत्री परिवार में राजवीर और अनीता ने शादी कर ली।
मुकदमा समाप्त करने के लिए भेजा शपथ पत्र अनीता ने बताया कि शादी होने के बाद राजवीर ने उसे बहला-फुसलाकर पुलिस अधीक्षक अमेठी को शपथ-पत्र भेजकर मुकदमा समाप्त करने की प्रार्थना की। जहां विवेचक और राजवीर के दबाव में आकर उसने मजिस्टे्रट के सामने मुकदमा समाप्त करने के लिये स्वीकृति दे दी। मुकदमा समाप्त होते ही राजवीर और उसके परिवार के लोगों का व्यवहार ही बदल गया।

जबर्दस्ती कराया गर्भपात
अनीता के अनुसार ससुराल जाने पर उसके ससुर वीरेंद्र प्रताप सिंह, सास सुनीता सिंह व ननद योगिता सिंह के साथ उसका पति गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। जब
वह विरोध करती तो उसकी पिटाई की जाती। अनीता ने बताया कि एक दिन जबर्दस्ती उसे राजधानी के एक हॉस्पिटल में उसके ससुराल वाले ले गए जहां उसका गर्भपात करा दिया। गर्भपात होने के बाद उसे एक कमरे में लाकर बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं मायके वालों से भी नहीं मिलने दिया जाता था। उसे तरह-तरह से प्रताडि़त करने लगे। उसका पति राजवीर बीमारी की हालत में भी उसके साथ दुष्कर्म करता था। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
दहेज में बीस लाख रुपये की मांग
अनीता ने बताया कि किसी तरह 9 जून 2015 को ससुराल वालों की कैद से निकलकर अपने मायके पहुंची। अपने परिजनों को सारी जानकारी दी। जब परिजन इस सिलसिले में अनीता के ससुरालवालों से बात करने गए तो वे 20 लाख की मांग करने लगे। इतना ही नहीं उसके मायके वालों के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और घर से भगा दिया।

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