बच्चों को मिली ग्लोबल वार्मिंग के रहस्यों की जानकारी

कठपुतली और श्लोगन प्रतियोगिता में दिखी ग्लोबल वार्मिंग की झलक

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लॉरेन्स होम पब्लिक गल्र्स इन्टर कॉलेज अस्ती रोड बक्शी का तालाब में विशेषज्ञों ने ग्लोबल वार्मिंग के खतरों के बारे में छात्रों को जानकारी दी और इससे बचाव के उपायों पर गंभीरता से काम करने की सलाह दी है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि व जीएसआई के पूर्व निदेशक एवं पर्यावरणविद वीके जोशी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि ने बच्चों एवं जनसामान्य को ग्लोबल वार्मिंग के रहस्यों के बारे में विस्तार से बताया। इसमें वाहनों से निकलने वाले धुआं, वनों की अंधाधुंध कटान, उद्योग ध्ंाधों से निकलने वाले रासायनिक कचरे को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन प्रकृति स्वयं करती है। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगायें। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक राजकमल श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 1998 में पोखरण परमाणु के सफल परीक्षण के बाद डॉ. कलाम को वैज्ञानिक के रूप में विश्व स्तर पर ख्याति मिली थी। जबकि वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे। इसके बावजूद अपनी मेहनत और लगन के कारण राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया। इस कार्यक्रम में हरिओम पपेट ग्रुप की तरफ से कठपुतली नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें वैज्ञानिक संदेशों के माध्यम से लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा सम्भावनाएं एवं चुनौतियॉ विषय पर पोस्टर स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें सीनियर वर्ग में सेन्ट जेवियर्स इन्टर कालेज के शिवेन्द्र प्रताप सिंह को प्रथम, लॉरेन्स होम पब्लिक गल्र्स इन्टर कालेज की जया सिंह को द्वितीय, अनुष्का तिवारी को तृतीय पुरस्कार मिला। जबकि जूनियर वर्ग में एसएस पब्लिक स्कूल की कोमल सिंह को प्रथम, लॉरेन्स होम पब्लिक गल्र्स इन्टर कालेज के अमन कुमार को द्वितीय और एसएस पब्लिक स्कूल के हर्षित अवस्थी को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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