बच्चों का हौसला बढ़ाएं अभिभावक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ । डॉ.शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में चल रहे विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में आए विशेषज्ञ डॉ.फिलिप जॉन ने कहा कि विशेष बच्चों को लेकर अभिभावक परेशान होने के बजाय वे उनके आत्मसम्मान को जागृत करें। उनके अंदर की सृजन शैली को निखारने के लिए उन्हें ऐसा माहौल दें कि वह अपने अंदर की इच्छा शक्ति का इस्तेमाल कर सकें। बच्चों की चंचलता उनका स्वभाव है। उनका रूठना, शांत रहना और चीजों को इधर-उधर फेंकना भी उसका हिस्सा है। यहां तक तो ठीक है, लेकिन जब ‘हाइपर’ की स्थिति आती है तो यहां सतर्क हो जाएं। ऐसे में अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। छोटे-छोटे उपायों से इसका सरल निदान संभव है। बस आपको अपने बच्चों का हौसला बढ़ाना है और उनको फैसला लेने देना है।
इस अवसर पर प्रवक्ता प्रो.एपी तिवारी ने कहा कि माता पिता के लिए बच्चे उनकी जान से कहीं ज्यादा प्यारे होते हैं। उसकी एक इच्छा को पूरा करने के लिए वे सबकुछ करने को तैयार रहते हैं। होनहार बच्चों को देखकर अभिभावकों का सीना चौड़ा हो जाता है, लेकिन जिनके बच्चे ऐसे नहीं होते, वे परेशान रहते हैं। यह एक शारीरिक बनावट का हिस्सा है, जिसकी वजह से ऐसा होता है। ऐसे अभिभावक बच्चे के अंदर आत्मविश्वास जगाएं तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी समेत बरेली, गोरखपुर, वाराणसी व इलाहाबाद से आए 150 शिक्षक व विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रयास है। दिखने वाली दिव्यांगता से कहीं अधिक गंभीर यह न दिखने वाली विकृति है।

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