बंटू हत्याकांड की दहशत अभी भी बरकरार

उपचुनाव में नामांकन पत्र भरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे लोग
नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 जनवरी

Captureप्रभात तिवारी
लखनऊ। शहर के सबसे चर्चिच राम तीर्थ वार्ड में पार्षद के उप चुनाव पर आतंक का साया मंडरा रहा है। इस चुनाव में नामांकन प्रक्रिया 12 जनवरी से ही शुरू हो चुकी है लेकिन पांच दिन गुजरने के बाद भी किसी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र नहीं भरा है। इसे बंटू की हत्या के बाद लोगों के मन में उपजी दहशत का परिणाम माना जा रहा है। इसके साथ ही पार्षद पद के उप चुनाव को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
राम तीरथ वार्ड के पार्षद बंटू यादव की नवंबर 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने बंटू यादव को उनके घर से कुछ ही दूरी पर दिन दहाड़े गोली मारी थी। इसके बाद गोली मारने वाले बदमाश हाथों में असलहा लहराते और टहलते हुए फरार हो गये थे। हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिव यादव को घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस हत्याकांड के पीछे वर्चस्व की लड़ाई को प्रमुख कारण बताया गया था। इसके साथ ही चुनावी रंजिश को भी बड़ी वजह माना गया था। उस वक्त बंटू यादव की हत्या में शामिल वैष्णव पुलिस के हत्थे चढऩे के बाद खुद को बेकसूर बता रहा था। उसने खुद को राजनीतिक विद्वेष में फंसाए जाने की बात कही थी। उसने अपने बयान में स्पष्ट कहा था कि चूंकि वह रामतीरथ वार्ड से बंटू के खिलाफ चुनाव लडऩे की तैयारी में था। इसलिए पार्षद की कुर्सी पर निगाह गड़ाये लोगों ने उसको बंटू हत्याकांड में फंसाया है। फिलहाल उप चुनाव की घोषणा होने के बाद एक बार फिर से लोगों के मन में पुरानी बातें याद आने लगी हैं। क्षेत्र की जनता अभी भी दहशत में है। बर्चस्व की लड़ाई में हत्या किए जाने का भय अभी भी लोगों के दिलो-दिमाग में ताजा है। इसी वजह से राम तीरथ वार्ड से कोई भी अभ्यर्थी नामांकन करने में रुचि नहीं ले रहा है।
वहीं वार्ड के लोगों में नामांकन को लेकर उदासीनता के पीछे मात्र दो वर्ष का कार्यकाल भी प्रमुख वजह माना जा रहा है। यदि उप चुनाव में कोई पार्षद बनता भी है, तो उसका कार्यकाल मात्र दो साल का होगा। इसलिए भी कोई चुनाव लडऩे को तैयार नहीं हो रहा है। जबकि वार्ड के लोगों में बंटू यादव की पत्नी और पूर्व पार्षद दुर्गेश नंदिनी के चुनाव लडऩे की चर्चाएं जोरों पर हैं। वह चुनाव लडऩे का मन बना चुकी हैं। शायद इसी वजह से कोई अन्य उम्मीदवार उप चुनाव में खड़ा नहीं हो रहा है।
सहायक रिटर्निंग ऑफीसर डॉ. जयपाल ने बताया कि राम तीरथ वार्ड में पार्षद पद के उप चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष संख्या 3 को नामांकन कक्ष बनाया गया है। यहां 12 जनवरी से अब तक एक भी अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। जबकि 18 जनवरी तक ही नामांकन प्रक्रिया चलेगी। इसमें सार्वजनिक अवकाश के अलावा अन्य तिथियों में 18 जनवरी तक नामांकन पत्र दाखिल किये जा सकते हैं। नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक भरकर जमा किए जा सकते हैं। यदि आज भी किसी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया तो लगातार पांचवे दिन का आंकड़ा शून्य रहेगा। इसके बाद रविवार का अवकाश है। इसलिए नामांकन नहीं होगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को पार्षद पद के अभ्यर्थी नामांकन पत्र दाखिल करेंगे लेकिन अब तक एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं होना वाकई चौंकाने वाली बात है। गौरतलब हो कि उप चुनाव में निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत 18 जनवरी तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जायेगी। वार्ड में पार्षद पद के लिए 7 फरवरी को मतदान होगा। पार्षद पद के प्रत्याशी को उप चुनाव में मिले मतों की गिनती 9 फरवरी को होगी। इसी दिन विजयी प्रत्याशी की घोषणा की जायेगी।

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