फ्लोर टेस्ट पर फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया शुक्रवार तक का समय

नई दिल्ली। उत्तराखंड में चल रहे राजनीतिक संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज एक बार फिर सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के मुद्दे को लेकर काफी गंभीर है और समाधान के लिए थोड़ा वक्त चाहती है। इसके पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस शिव कीर्ति सिंह की बेंच ने सवाल किया था कि उत्तराखंड में क्यों न सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में फ्लोर टेस्ट कराया जाए। इसके लिए कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को केंद्र से राय लेने को कहा था और सुनवाई टाल दी थी।

अटॉर्नी जनरल ने मांगा समय
बुधवार को मामले की सुनवाई शुरू हुई तो अटॉर्नी जनरल ने कहा कि केंद्र सरकार फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को काफी गंभीरता से ले रही है, हालांकि अब तक इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश तय नहीं हुआ। सरकार को इस बारे में फैसला लेने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया जाए। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार को फ्लोर टेस्ट पर फैसला करने के लिए 6 मई तक का वक्त दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अप्रैल को उत्तराखंड हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को निरस्त कर दिया गया था। 27 अप्रैल को कोर्ट ने अगले आदेश तक इस पर रोक को आगे बढ़ा दिया था।

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