फिसड्डी साबित हुई पुलिस, पांच लाख देकर हुई लड़कियों की रिहाई

सीएम को फोन कर पीडि़तों ने मांगी थी मदद, पुलिसवालों ने नहीं उठाए फोन

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ/लखीमपुर खीरी । यूपी पुलिस खाक छानती रही और लड़कियों के परिजनों को फिरौती देकर उन्हें छुड़ाना पड़ा। पीडि़त पक्ष का कहना है कि उन्हें पांच लाख रुपए और दो लीटर पेट्रोल देना पड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस की सुस्ती और उनकी ढुलमुल कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला लखीमपुर खीरी के सिंगाही इलाके के खैरीगढ़ गांव का है जो गांव अपनी उन्नत गाय की नस्ल के लिए मशहूर है। इस संबंध में अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने व्यवस्तता का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
सवाल यह भी है कि पुलिस अभी भी अपहरणकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस और एसटीएफ की टीम पिछले दो दिनों से जंगलों और संदिग्ध इलाकों में कांबिंग अभियान चला रही थी। परिजनों के मुताबिक, उनसे रविवार को पचास लाख रुपए मांगे गए थे, लेकिन सोमवार की रात वह पांच लाख रुपए और दो लीटर पेट्रोल पर ही तीनों लड़कियों को छोडक़र फरार हो गए।
गौरतलब है कि तीन सगी बहनों का अपहरण शुक्रवार को कर लिया गया था। अपहर्ताओं ने घर वालों से 50 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस जंगल की ख़ाक छानती रही और अपहरणकर्ता बेखौफ फिरौती की मांग करते रहे। पुलिस दो दिन बाद भी लड़कियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई। पीडि़त परिवार तीन बेटियों के घर से अगवा हो जाने से सहमा हुआ था।

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