प्लॉट, निवेश और नौकरी के नाम पर लोगों को चपत लगा रहे हैं ठग

प्लॉट, निवेश और नौकरी के नाम पर लोगों को चपत लगा रहे हैं ठग

ठगों ने यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार के लोगों से अरबों रुपये ऐंठे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में ठग गिरोह सक्रिय है। ये ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सरकारी नौकरी दिलाने व खुलेआम निवेश के नाम पर ये ठग लाखों-करोड़ों रुपयों की चपत लोगों को लगा रहे हैं। शातिर ठग प्लॉट, निवेश, नौकरी, मोबाइल टावर, बीमा बोनस दिलाने, बैंक लोन के अलावा सस्ते दाम पर नई लग्जरी कारें दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। ठगों ने यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार में लोगों से अरबों रुपये ऐंठे हैं। बावजूद पुलिस इन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। पुलिस के अनुसार शातिर ठग अधिकतर मामलों में पहले कार्यालय खोलते हैं। फिर सरकारी दस्तावेजों की हूबहू नकल बनवाकर झांसा देते हैं। इसके बाद कार्यालयों के चक्कर लगवाते है। बाद में फर्जी ऑफिस में ताला लगाकर चंपत हो जाते। इस तरह ये गिरोह शहर में घटना को अंजाम दे रहे हैं। इस मामले में शहरवासियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ऐसी कोई ठोस रणनीति नहीं बनाती है, जिससे शहर के लोगों को इससे निजात मिल सके। हालांकि प्रदेश की पुलिस अपने हाईटेक होने का ढिंढोरा पीटती रहती हैं।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे पशुधन बीमा योजना, ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना, वन नेशन वन कार्ड जैसी योजनाओं के नाम पर बड़े-बड़े लोगों को फंसा कर रकम ऐंठ कर फरार चल रहे आरोपी हेमंत मिश्रा को यूपी एसटीएफ बीते 5 मार्च को विभूतिखंड के पोस्ट कमर्शियल काम्पलेक्स साइबर हाइट्स से गिरफ्तार किया था। पकड़े गए शख्स हेमंत के खिलाफ प्रतापगढ़ में 30 लाख की ठगी का मुकदमा दर्ज था। वह कंपनी की वेबसाइट पर मंत्रालय से मिले फर्जी लेटर को डालता था और अपने एजेंटों के माध्यम से लोगों को जोड़ता था सरकारी चिट्ठी पर बनी अशोक की लाट दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेता था। उसने प्रतापगढ़ के राजा भानु प्रताप सिंह को कुछ जिलों के लिए ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना और पशुधन बीमा योजना के सर्वे के नाम पर ठगी का शिकार बनाया था। ऐसे ही कई अन्य लोगों से भी उसने करीब 15 करोड़ रुपये अलग-अलग योजनाओं के नाम पर जमा करवाए थे। बाद में फरार हो गया था।

केस एक
गोमतीनगर स्थित रीयल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसीडेंट ज्ञान प्रकाश उपाध्याय को बीते 22 मार्च को करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ज्ञान के खिलाफ गोमतीनगर थाने में ठगी के 22 मुकदमे दर्ज थे। वह प्लॉट, निवेश और सस्ते दाम पर नई लग्जरी कारें बेचने के नाम पर रुपये ऐंठता था। शाइन सिटी कंपनी ने प्लॉट के नाम पर यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार में लोगों से अरबों रुपये ऐंठे हैं। कंपनी के एमडी राशिद नसीम समेत अन्य कर्मचारियों पर ठगी, धोखाधड़ी के 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।

केस दो
लखनऊ एसटीएफ ने मल्टीलेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों से 200 करोड़ रुपए ठगने वाले बिल्डर मुकेश सिंह को बीते 25 फरवरी को शहीद पथ के नीचे सुल्तानपुर रोड से दबोचा था। वह वास्तुम इंफ्रालैंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर लोगों को 13 फीसदी हर महीने ब्याज देने का लालच देकर निवेश कराता था। मोटी रकम मिलते ही वह दिल्ली चला गया था। विभूतिखंड थाने में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कर्ई ठिकानों पर दबिश भी दी है। वहां भी उसने निवेश के नाम पर लाखों रुपयों की हेराफेरी की थी।

प्लॉट, निवेश, नौकरी, बैंक लोन के नाम जो लोगों को लूट रहे हैं, पुलिस उन ठगों को तलाश रही हैं। सभी जोन के एसपी को भी कहा गया है कि ऐसे ठगों की सूची बनाई जाए। घरों पर दबिश देकर इन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया जाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– प्रमोद कुमार तिवारी, डीसीपी क्राइम, लखनऊ कमिश्नरेट

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