प्रो. शीला मिश्रा ने लगाई राज्यपाल से गुहार

एलयू के कैलाश छात्रावास का मामला

मानवाधिकार आयोग से भी शीला ने की शिकायत

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। 19 मार्च को कार्यपरिषद की बैठक में कमेटी की दी गयी रिपोर्ट के बाद भी उचित कार्रवाई न होने पर सभी में आक्रोश है। एक तरफ जांच कमेटी की अध्यक्ष प्रो. आभा अवस्थी ने राज्यपाल को रिपोर्ट की कापी सौंपी। वहीं दूसरी ओर कार्रवाई से बचने के लिए प्रो. शीला मिश्रा भी सोमवार को भाजपा नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलकर मामले पर अपना पक्ष रखकर मामले में दखल की गुहार लगाई है।
कैलाश हॉस्टल के मामले में कमेटी के सदस्यों का कहना है कि कुलपति ने हमारी दी गई रिपोर्ट पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाए उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत दोनों पदों से अलग कर दिया। जबकि रिपोर्ट में सारे आरोपों के सिद्ध होने के बाद कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए थी। कुलपति के फैसले से असंतुष्ट कमेटी की अध्यक्ष प्रो.आभा अवस्थी जांच रिपोर्ट को लेकर सोमवार शाम राजभवन पहुंची जहां रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपते हुए उन्हें तथ्यों से अवगत भी कराया। राज्यपाल ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के पश्चात ही कुलपति से वार्ता करने का आश्वासन दिया। मामले को लेकर प्रो. आभा का कहना है कि कमेटी के सदस्यों ने उन्हें इस कार्य के लिए नामित किया है। इसी कारण वह राज्यपाल को तमाम तथ्यों से अवगत करने पहुंची थी।
दूसरी तरफ प्रो. शीला मिश्रा भी भजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ राज्यपाल राम नाईक से मिलने सोमवार को राजभवन पहुंची, जहां उन्होंने राज्यपाल को सौपें एक पत्र में खुद पर लगाए गए आरोपों का खण्डन करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यपरिषद द्वारा उनको प्रोवोस्ट व निदेशक महिला शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के पद से हटाया जाना एक षड्यंत्र का हिस्सा बताया है। जिस पर राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कुलपति से इस बारे में वार्ता करेगें। दूसरी ओर विवि की कार्रवाई और पुलिस के खिलाफ भी प्रो शीला मिश्रा ने मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पुलिस ने छात्रावास के अंदर जाकर छात्राओं सहित उनके परिवार के ऊपर लाठीचार्ज की है।

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