प्रोवोस्ट तो गयी हॉस्टल से लेकिन बाकी है उनका आतंक

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में कई दिनों के हंगामे के बाद शीला मिश्रा ने देर रात हॉस्टल छोड़ दिया, जिसके बाद हंगामा तो शांत हुआ लेकिन अभी तक हॉस्टल का माहौल सामान्य नहीं हो सका है। इस संबंध में अन्य छात्राओं ने बताया कि उनकी समर्थक लड़कियों ने कल देर रात हमलोगों को धमकाते हुए यह बताया की वह दस दिन में वापस आ जाएगी। उसके बाद तुम सबको समझ में आएगा। प्रोवोस्ट के जाने के बाद भी छात्राएं चैन की सांस नहीं ली है। इस जानकारी के बाद कुछ छात्राओं ने अहम फैसले लेने की बात कही है।
बुधवार देर रात कैलाश हॉस्टल से अलग-अलग गाडिय़ों से पूर्व प्रोवोस्ट प्रो.शीला मिश्रा और उनके भाई राजेश मिश्रा ने हॉस्टल छोड़ा। वहीं देर रात प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय और आठ अन्य शिक्षकों की तहरीर पर भी हसनगंज कोतवाली में प्रो.शीला मिश्रा के भाई राजेश उर्फ राजन व एलयू के 26 छात्रों के खिलाफ बुधवार की देर रात एफआईआर दर्ज करायी गई। सभी आरोपितों पर एलयू कैंपस में बवाल, तोडफ़ोड़, पथराव, आगजनी व बलवा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई गंभीर आरोप हैं।

118 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
एलयू में हुए बवाल के मामले में पुलिस की ओर से बुधवार को हसनगंज कोतवाली में 118 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। इसमें कैलाश हॉस्टल की पूर्व प्रोवोस्ट शीला मिश्रा उनके भाई राजेश उर्फ राजन और उनके पिता भी शामिल हैं। सभी आरोपितों पर एलयू कैंपस में बवाल तोडफ़ोड़ ,पथराव, आगजनी व बलवा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई गंभीर आरोप हैं। बवाल व मारपीट के मामले में पुलिस ने एलयू के छात्र शुभम पांडे को अरेस्ट भी किया है। इन लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, लूट, डकैती, कानून व्यवस्था बिगाडऩे के अलावा कई गम्भीर धाराए हैं।

कार्यपरिषद की बैठक में अहम फैसले
बुधवार को कार्यपरिषद की बैठक में प्रो. मिश्रा के मसले पर कार्रवाई का अधिकार वीसी प्रो.एसबी निमसे पर छोड़ा गया है। इसके बाद वीसी ने प्रो.शीला को अल्टीमेटम देकर शाम पांच बजे तक परिवार समेत हॉस्टल छोडऩे को कहा। नोटिस के बावजूद वह शाम पांच बजे तक हॉस्टल से नहीं निकलीं तो उन्हें उनके पद से हटा दिया जाएगा। लेकिन उसके बाद भी प्रो. मिश्रा हॉस्टल से बाहर नहीं निकली।

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