प्रसूता को बिना इलाज लौटाने वाले एमएस और चिकित्सक के निलंबन के आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। परिवार व मातृ-शिशु कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने ऐशबाग बाल महिला चिकित्सालय से प्रसूता को बिना इलाज लौटाने के मामले में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को पत्र लिख कर चिकित्सा अधीक्षक तथा इमरजेंसी में तैनात महिला चिकित्सक को निलंबित करने को कहा है।
मंत्री ने बताया कि एक गर्भवती को इमरजेंसी में काफी देर तक बिठाए रखने तथा बिना इलाज क्वीन मेरी अस्पताल रेफर किए जाने की घटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी चिकित्सालय में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बाद भी स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि दीप्ति को यदि प्राथमिक इलाज मिल गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती। गौरतलब है कि चारबाग निवासी दीप्ति को प्रसव पीड़ा होने के चलते परिजन ऐशबाग स्थित बाल महिला चिकित्सालय पहुंचे थे। वहां पर मौजूद चिकित्सक ने पहले तो गर्भवती को बिठाए रखा और बाद में उसे क्वीनमेरी रेफर कर दिया। क्वीनमेरी पहुंचने पर प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गयी थी।

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