प्रशासन की नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे खननकर्ता, 40 लाख की रॉयल्टी बकाया

खनन विभाग ने वर्ष 2014-15 की रॉयल्टी जमा नहीं करने वालों को भेजा नोटिस

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिला प्रशासन ने 217 ईंट भट्ठा संचालकों में से 56 के खिलाफ वर्ष 2014-15 की खनन की रॉयल्टी नहीं जमा करने पर नोटिस भेजा है। इन भट्ठा संचालकों पर पिछले वित्तीय वर्ष का कुल 40 लाख 37 हजार 748 रुपये बकाया है। इसलिए प्रभारी खनन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेकर बकाया नहीं जमा करने वालों के खिलाफ नोटिस भेजा है, जिसमें सप्ताह भर के अंदर रॉयल्टी जमा नहीं करने पर भट्ठा संचालकों के खिलाफ आरसी जारी करने का निर्णय लिया गया है।
जिले में ईंट-भट्ठा संचालक खनन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का लाभ उठा रहे हैं। ईट-भ_ïा मालिक खनन विभाग को मिट्टी की खोदाई करने के बदले जमा की जाने वाली रॉयल्टी तक जमा नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में ईंट-भट्ठा संचालकों को पहले भी नोटिस दिया जा चुका है लेकिन भट्ठा संचालक खनन विभाग के नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसलिए प्रभारी खनन अधिकारी शैलेन्द्र कुमार मिश्रा ने रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले सभी 56 ईंट भट्ठा मालिकों को रॉयल्टी जमा करने का अंतिम नोटिस भेजा है। यदि नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर पिछले वित्तीय वर्ष की निर्धारित रॉयल्टी जमा नहीं हुई, तो संबंधित मालिकान के खिलाफ आरसी जारी की जायेगी। इसके साथ ही लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

मोहनलालगंज तहसील में सबसे अधिक बकायेदार
खनन प्रभारी के मुताबिक जिले की पांचों तहसीलों में ईंट-भट्ठा का संचालन करने वालों से मिट्टी की खोदाई के मुताबिक सालाना रॉयल्टी जमा करवाई जाती है। लेकिन 217 ईंट भट्ठा संचालकों में 56 ने रॉयल्टी जमा नहीं की है। इसमें सदर तहसील के सुन्दर ब्रिक फील्ड पर 84350 रुपये की रॉयल्टी बकाया है। इसी प्रकार गोसाईंगंज के तीन, मोहनलालगंज के 26, बीकेटी के 21 और सरोजनीनगर के पांच ईट-भट्ठा संचालक रॉयल्टी जमा नहीं करने वालों में शामिल हैं। गोसाईंगंज क्षेत्र में लक्ष्मी मां ब्रिक फील्ड पर 73350 रुपये, बाबा श्रीदयाल ब्रिक फील्ड पर 78950 रुपये और आरसी ब्रिक फील्ड पर 84350 रुपये की रॉयल्टी बकाया है। इसी प्रकार सरोजनीनगर क्षेत्र में न्यू बजरंग ब्रिक फील्ड पर 78950 रुपये, बेली ब्रिक इन्डस्ट्रीज पर 84950 रुपये, बाबा ब्रिक फील्ड पर 73550 रुपये, वर्मा ब्रिक फील्ड चुनौटी बंथरा पर 70850 रुपये और सीताराम ब्रिक फील्ड खरबार सरोजनीनगर पर 84350 रुपये बकाया है। इसी प्रकार मोहनलालगंज के 26 ईंट भट्ठा मालिकों पर 19 लाख 14 हजार 198 रुपये की रॉयल्टी बकाया है। इसी प्रकार बख्शी का तालाब क्षेत्र के 21 ईंट भट्ठा संचालकों पर कुल 16 लाख 36 हजार 250 रुपये बकाया है। जिसको 15 दिनों के अंदर जमा करने का ईंट-भट्ठा संचालकों को नोटिस भेजा गया है।
गौरतलब हो कि अवैध खनन की समस्या लखनऊ ही नहीं पूरे प्रदेश में भयावह रूप ले चुकी है। इस पर लगाम लगाने की सारी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। इतना ही नहीं खनन विभाग और पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड से अनुमति लेकर मानक से अधिक मिट्टी की खोदाई करने का मामला भी सामने आया है। इसमें कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जुर्माना और रॉयल्टी जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा बड़े-बड़े बिल्डर्स के खिलाफ भी अवैध खनन करवाने के मामले सामने आ चुके हैं। जिला प्रशासन ऐसे बिल्डर्स के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। राजधानी में गोमती नदी के किनारे भी अवैध खनन की शिकायतों की पुष्टि हो चुकी है, जिसको गंभीरता से लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर खननकर्ताओं के खिलाफ जुर्माना और रॉयल्टी लगाई गई थी। इसके साथ ही अवैध खनन को लेकर तहसील, ब्लाक और थाना स्तर पर भी अभियान चलाने की कोशिशें की जा रही हैं। इन सबके बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है।

रॉयल्टी जमा नहीं करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रभारी खनन अधिकारी के मुताबिक जिले में ईंट-भट्ठा संचालकों के लाइसेंस की जांच और पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड से लिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच भी की जा रही है। यदि कोई भी ईंट-भट्ठा संचालक बिना नियमों का पालन किए व्यवसाय करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। इसके साथ ही समय से रॉयल्टी जमा नहीं करने वालों के ईंट भट्ठे का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

25 लोगों के खिलाफ जारी होगी आरसी
जिले में अवैध खनन के मामले में नोटिस देने के बावजूद जुर्माना और रॉयल्टी जमा नहीं करने वाले 25 लोगों का नाम चयनित किया गया है। इन सभी के खिलाफ आरसी जारी करने का आदेश दिया जा चुका है। प्रभारी अधिकारी खनन के मुताबिक खनन के मामले में रकम जमा नहीं करने वालों की संख्या 50 के करीब है। इसलिए 25-25 की संख्या में दो चरणों में आरसी जारी की जायेगी। इसके साथ ही जुर्माना और रॉयल्टी जमा कराने के मामले में सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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