प्रमुख सचिव के आदेश का पालन करने में भी लापरवाही

आवास विकास में 1600 कार्मिकों की पेंशन संबंधी मामला लंबित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद में 31 मार्च 2005 से पूर्व भर्ती होने वाले कार्मिकों को पेंशन दिलाने की योजना अधर में लटकी हुई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव का स्पष्ट आदेश मिलने के बाद भी पेंशन ट्रस्ट का गठन और पेंशन निधि में धनराशि संरक्षित करने का काम लंबित पड़ा है। इस कारण कार्मिकों में अधिकारियों के खिलाफ काफी गुस्सा है।

अधिकारी कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय का आरोप है कि कार्मिकों के पेंशन संबंधी हितों पर विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं है, जबकि प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद सदाकान्त ने पेंशन ट्रस्ट के गठन और पेंशन निधि में धन अंतरित करने का आदेश 5 मई 2015 को आयुक्त आवास विकास को दिया था। इसमें पेंशन योजना का लाभ पाने वाले कार्मिकों से संबंधित प्रारूपों का विवरण भी संलग्न करके भेजा गया था। परिषद के अनुसार ऐसे कार्मिक जिनकी भर्ती 31 मार्च 2015 अथवा उससे पूर्व की है और अभी तक रिटायर नहीं हुए हैं, उन्हें पेंशन मिलेगी। इस योजना से लाभान्वित होने वाले कार्मिकों की कुल संख्या करीब 1600 बताई गई थी। प्रस्तावित पेंशन योजना 1 जुलाई 1996 से प्रभावी होने वाली थी लेकिन आवास विकास के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कार्मिकों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस संबंध में महासंघ के पदाधिकारियों ने 2 जून 2015 को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने 23 सितंबर 2014 को सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से जारी आदेशों के अनुपालन का भी जिक्र किया था।

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