प्रधानमंत्री की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी

परिवर्तन यात्राओं की समाप्ति के बाद होने वाली महापरिवर्तन रैली में दस लाख की भीड़ आने का दावा
बूथ स्तर पर गठित करीब एक लाख 28 हजार कमेटी के पदाधिकारी विशेष तौर पर किए गए आमंत्रित

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नोटबंदी से आमजन को हो रही समस्याओं को देखते हुए टाली गई प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा दो जनवरी को आयोजित होने जा रही है। इस जनसभा के लिए प्रदेश में गठित बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। जिन्हें मोदी व वरिष्ठ भाजपा नेता चुनावी टिप्स देंगे। इस जनसभा में भाजपा नेता दस लाख की भीड़ उमडऩे का दावा कर रहे हैं।
भाजपा ने यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर सूबे के चारों कोनों से परिवर्तन यात्रा निकाली है। ये चारों यात्राएं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपई के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में आकर समाप्त होंगी। यात्राओं के समापन पर आयोजित होने वाली जनसभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करना था। लेकिन इसी बीच आठ नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने पांच सौ व हजार रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा कर दी। जिससे देश भर में भूचाल सा आ गया। सारे विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ लामबंद हो गए। वहीं बैंक व एटीएम के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगने लगीं। यह समस्या हल न होने से प्रधानमंत्री के फैसले पर सवाल उठने लगे, जिससे घबराई भाजपा ने मौके की नजाकत को समझते हुए लखनऊ में परिवर्तन यात्राओं की समाप्ति पर होने वाली प्रधानमंत्री की जनसभा को टाल दिया। इधर नोटबंदी से बिगड़े हालात को कुछ सुधरता हुआ देखकर भाजपा लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में दो जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा आयोजित करने जा रही है। मोदी की यह जनसभा चुनावी दृष्टिïकोण से महत्वपूर्ण होने के साथ ही नोटबंदी के पचास दिन बीत जाने के बाद बने माहौल का रूख भी काफी हद तक साफ करेगी। दूसरी खास बात यह है कि इस रैली में गठित सभी बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। दावा किया जा रहा है प्रधानमंत्री को सुनने के लिए दस लाख से अधिक की भीड़ मौजूद रहेगी।

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