प्रदेश सरकार डेंगू पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील: प्रमुख सचिव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में डेंगू का प्रकोप कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। जानकारों की माने तो अभी दो महीने तक मच्छर जनित रोगों का प्रकोप कम नहीं होगा। आये दिन डेंगू पीडि़तों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हांलांकि, सरकारी अस्पतालों में डेंगू जैसी घातक बीमारी पर काबू पाने को लेकर प्रयास जारी है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि, विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित प्रयोगशालाओं में बुखार से पीडि़त मरीजों के ब्लड सैम्पल की जांच कराई जा रही है। राज्य की प्रयोगशालाओं से प्राप्त रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि, प्रदेश में कुल 1138 मरीज डेंगू ज्वर से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि, प्रदेश के समस्त सरकारी चिकित्सालयों में डेंगू से पीडि़त मरीजों के उपचार के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती डेंगू मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराई जाए। ताकि इस गम्भीर बीमारी से किसी की मृत्यु न होने पाये। उन्होंने सरकारी चिकित्सालयों में भर्ती डेंगू मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिन चिकित्सालयों में डेंगू के मरीज अधिक संख्या में भर्ती हो रहे हैं वहां शैय्याओं की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि, प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ से कहा गया है कि, विशेष अभियान चलाकर जनमानस को डेंगू से बचाव की समुचित जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार डेंगू ज्वर पर अंकुश लगाने के प्रति कफी संवेदनशील है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि डेंगू से लडऩे के लिए जनसहभागिता आवश्यक है।

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