प्रदेश सरकार की तरफ से बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी

  • कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बाढ़ चौकियों पर काल सेंटर बनाने का दिया निर्देश
  • मुख्य सचिव ने कहा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें अधिकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। यूपी में बाढ़ की विभीषिका बढऩे पर चेती सरकार ने बचाव कार्य की समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने योजना भवन में बुधवार को बुलाई गई बैठक में बचाव कार्यो में सुस्ती पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, मुख्य अभियंता, सिंचाई के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें और मौके पर राहत व बचाव कराएं।
शिव पाल सिंह यादव ने बाढ़ प्रभावित जिलों में समय से कार्ययोजना तैयार करने पर बल देते हुए कहा कि जिलाधिकारी और सिंचाई व राजस्व विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान दें। सिंचाई मंत्री ने इटावा व मैनपुरी में सेंगर, सिरसा जैसी नदियों को गहरा करने के बाद बाढ़ समस्या में कमी का उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य नदियों की सिल्ट निकाल कर गहरा कराने की आवश्यकता है। कैबिनेट मंत्री ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाढ़, राहत और बचाव कार्यों में भारत सरकार की तरफ से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। केन्द्र की सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति करना जानती है। हकीकत में गरीबों और मजलूमों के लिए कुछ नहीं करती। जबकि प्रदेश सरकार ने अपने दम पर पिछले चार सालों में बाढ़ राहत व बचाव का कार्य बखूबी किया है। केंद्र ने अब तक लगभग 122 करोड़ रुपये बकाया भी नहीं दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि बस्ती और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से सबक लेकर अन्य अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण करना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक बाढ़ चौकी पर काल सेंटर स्थापित करने क लिए नोडल अफसरों की तैनाती करने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पुलिस लाइन में हेलीपैड बनाने की योजना भी बनाई गई है। इस बैठक में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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