प्रदेश में पहली बार रविवार के दिन खुले सरकारी अस्पताल

  • छुट्टी के दिन ओपीडी खुलने से मरीजों को मिला इलाज

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। आजादी के बाद प्रदेश में पहली आम दिनों की तरह रविवार को ओपीडी में चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया। साथ ही मरीजों की जांचे भी की गयी। रविवार का दिन होने के बाद भी अस्पतालों में मरीजों का भारी दबाव रहा। इस दौरान लोहिया अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, भाउरावदेवरस अस्पताल, लोकबन्धु तथा रानीलक्ष्मी बाई अस्पताल समेत समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों का तांता लगा रहा ।
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में आये बुखार के गम्भीर मरीज की जान चिकित्सकों की सक्रियता की वजह से बच सकी। अस्पताल के सीएमएस डॉ राजीव लोचन ने बताया कि इमरजेंसी में पहुंचे व्यक्ति को बुखार था उसकी हालत ज्यादा खराब थी, जिसके चलते तत्काल जांच करा कर इलाज शुरू कर दिया गया। मरीज अब खतरे से बाहर है। इसके अलावा भाउराव देवरस अस्पताल में इलाज कराने पहुंची वैशाली (18) ने बताया कि शनिवार से तेज बुखार आ रहा था साथ मे शरीर बहुत दर्द था। लेकिन रविवार के दिन ओपीडी खुली होने से डाक्टर ने देखने के बाद तुरन्त जांच करा दी। इस सब के बीच जहां एक तरफ राजधानी के बड़े अस्पतालों में आम दिनों की तरह सुबह 8 बजे से ही ओपीडी खुल गयी और चिकित्सकों ने मरीजों को देखना शुरू कर दिया । वहीं बाल महिला चिकित्सालयों की ओपीडी में काफी देर बाद चिकित्सक पहुंचे। यहां अन्य अस्पतालों की अपेक्षा मरीजों की भीड़ भी कम रही । जानकारों की मानें तो आजादी के बाद प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है ,जब चिकित्सकीय स्टाफ की छुट्दी रद कर रविवार के दिन ओपीडी में मरीजों का इलाज हुआ हो। बलरामपुर अस्पताल – 272 नये मरीज, 100 जांचे सिविल-324 नये मरीज,150 जांचे, लोहिया अस्पताल-300,200 जांचे,भाउराव देवरस अस्पताल- 200 मरीज, 70 जांचे हुईं।

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