प्रदेश में कांग्रेस चलाएगी पोल-खोल अभियान

  • ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर बतायेंगे सरकार की कमियां

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कांग्रेस पार्टी ने 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रदेश भर में पोल-खोल अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मकसद अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने वाली सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियों और उसके नेताओं को हकीकत से रूबरू कराना है। इसमें केन्द्र और प्रदेश सरकार की कमियों को आम जनता के सामने उजागर किया जायेगा। इसके अलावा कांग्रेस की नीतियों और उपलब्धियों के बारे में भी जनता को जानकारी दी जायेगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने पार्टी हाईकमान के निर्देश पर प्रदेश भर में पोल-खोल अभियान चलाने की योजना तैयार की है। इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि सूबे के सभी ब्लाकों में कांग्रेस पार्टी के जिला स्तरीय पदाधिकारी जन सभाओं का आयोजन करेंगे। इसमें क्षेत्रीय जनता को इकट्ठा कर केन्द्र में भाजपा सरकार और प्रदेश में सपा सरकार की कमियों को उजागर किया जायेगा। इसमें आम जनता को रोजगार और महंगाई से राहत दिलाने का वादा करने वाली केन्द्र की भाजपा सरकार को पूरी तरह से विफल बताया है। इसके अलावा प्रदेश में चार साल का कार्यकाल पूरा करने पर प्रदेश भर में करोड़ों रूपये खर्च कर अपना प्रचार-प्रसार करने में जुटी समाजवादी पार्टी की सरकार में आम जनता का हाल भी बयां किया जायेगा। इसमें सपा के शासन काल में साम्प्रदायिक तनाव और दंगों का आंकड़ा प्रस्तुत किया जायेगा। जिसमें जनता को बताया जायेगा कि किस प्रकार से 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सपा और भाजपा दोनों राजनीतिक दलों के नेताओं ने वोट हथियाने के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का खेल खेला। इसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल मुजफ्फर नगर के डीएम, एसएसपी और एलआईयू के निरीक्षक को जिम्मेदार बताया गया। इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। इसके अलावा प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली मुफ्त देने संबंधी चुनावी घोषणाओं की हकीकत भी आम जनता के सामने प्रस्तुत की जायेगी।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध श्रीवास्तव ने प्रदेश में बिजली की गंभीर समस्या के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया है। इनका आरोप है कि प्रदेश सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए महंगी दरों पर बिजली खरीद रही है, जबकि निजी कंपनी 6 रुपये की बजाय 1.40 रुपये में बिजली देने को तैयार है।

Pin It