प्रदेश भर में 22 सिक बोर्न यूनिट खोलने की कवायद तेज

  • नौनिहालों की जान बचाने की दिशा में सरकार ने उठाया कारगर कदम
  • सबसे पहले लोहिया अस्पताल और लोकबंधु अस्पताल में होगी बोर्न यूनिट की शुरुआत

4 पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय और लोकबंधु संयुक्त चिकित्सालय में जल्द ही सिक बोर्न यूनिट खुलेगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के 20 अन्य अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू किये जाने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इससे नवजात बच्चों को जन्म के तुरंत बाद होने वाली बीमारियों से बचाव में काफी राहत मिलेगी। इस फैसले को नौनिहालों की जान बचाने की दिशा में बेहतर कदम माना जा रहा है।
प्रदेश के परिवार कल्याण एवं मातृ शिशु कल्याण राज्य मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने बताया कि प्रदेश में 22 सिक बोर्न यूनिट खोलने का काम बहुत ही तेजी से चल रहा है। ऐसे नवजात जिनके शरीर का तापमान जन्म के समय सामान्य रूप से 35.5 डिग्री सेल्सियस से कम होगा। उनके शरीर का तापमान स्थिर रखने के लिए उनको वार्मर पर रखकर इलाज किया जायेगा। इससे नवजात बच्चों की मौतों को नियंत्रित करने में सहयोग मिलेगा।
चिकित्सकों के मुताबिक वार्मर मशीन पहले प्रयोग में आने वाली इन्क्यूबलेटर से बेहतर है। वार्मर में सेंसर लगा होता है। इसका लाभ यह है कि जैसे ही शरीर का तापमान सामान्य तापमान से अधिक होता है, यह अपने आप बंद हो जाता है और कम होने पर स्वत: चालू हो जाता है। जबकि इन्क्यूबलेटर में ऐसा नहीं था। उसमें हर पल तापमान की निगरानी कर उसको घटाना बढ़ाना पड़ता है।
ऑक्सीजन की मिलती है जानकारी
पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से बच्चे के मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कितनी मात्रा है, उसका मापन होता है। यदि बच्चे के मष्तिष्त में आक्सीजन की कमी है, तो अलग से ऑक्सीजन देकर आक्सीजन की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा सक्शन मशीन से बच्चे के सीने में किसी प्रकार के जकडऩ आदि का इलाज किया जाता है। सिक बोर्न यूनिट में एसएनसीयू वार्ड में 14 वार्मर, 6 फोटोथेरेपी, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन पाइप लाइन और सिलिंडर, सक्शन मशीन लगी होती है।

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