प्रदेश के 75 फीसदी घरों में आज भी छाया है अंधेरा: उपभोक्ता परिषद

परिषद ने की गांव-गांव के बजाय घर-घर बिजली देने के नारे की वकालत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उपभोक्ता परिषद का दावा है कि उत्तर प्रदेश के 75 फीसदी घरों में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। इसके लिए विभागीय भ्रष्टाचार और केन्द्र व प्रदेश सरकार के बीच आपसी तालमेल का अभाव काफी हद तक जिम्मेदार है। इसलिए सरकार को गांव-गांव बिजली पहुंचाने का नारा देने के बजाय घर-घर बिजली पहुंचाने का अभियान चलाना चाहिए।
उपभोक्ता परिषद के मुताबिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां घरों तक बिजली पहुचाने की रफ्तार बहुत धीमी है। इसके लिए विभागीय भ्रष्टïाचार और केंद्र व प्रदेश सरकार के बीच आपसी ताल-मेल का अभाव काफी हद तक जिम्मेदार है। 2011 के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कुल ग्रामीण क्षेत्रों के घरों की संख्या 25 करोड़ 47 लाख 5001 है, जिसमें अभी तक मात्र 60 लाख 54 हजार 978 घरों को बिजली मिली है। यानि कि 23.77 प्रतिशत घर बिजली से जगमग हैं। आजादी के बाद अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ 94 लाख 20 हजार 93 घरों को बिजली नसीब नहीं हुई। वहीं प्रदेश के शहरी क्षेत्र में घरों की कुल संख्या 74 लाख 49 हजार 195 है। इसके सापेक्ष शहरी क्षेत्र में अभी तक 60 लाख 65 हजार 253 घरों को बिजली मिली है, अर्थात 81.42 प्रतिशत घर जगमग हैं।
बिहार को छोड़ दिया जाये तो उत्तर प्रदेश देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां पर ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में बिजली पहुंचने की रफ्तार बहुत धीमी है। यह अपने आप में चिन्ता विषय भी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक दल चुनावी फायदे के लिए गांव-गांव बिजली पहुंचाने का नारा देते रहते हैं। कुछ तो मुफ्त में बिजली देने की घोषणा कर देते हैं। सरकार बनने के बाद चुनावी वादे को पूरा करने के लिए गांव गांव में बिजली के तार दौड़ा भी दिए जाते हैं, लेकिन उत्पादन न बढऩे की वजह से यहां आपूर्ति देना मुश्किल हो जाता है। समय समय पर बिजली मुफ्त कर देने से यह मुश्किल और बढ़ जाती है। चुनाव नजदीक होने पर नेता वायदे करते समय भूल जाते हैं कि इसे पूरा करने के लिए संसाधन कहां से जुटाएंगे। वहीं इसके लिए विभागीय भ्रष्टïाचार भी कम जिम्मेदार नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा कहते हैं कि अब हर गांव को बिजली देने का नारा भूलकर सरकार को हर घर को बिजली दिए जाने पर जोर देना चाहिए। सभी घरों में बिजली पहुंचाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने के लिए सोचना चाहिए।

Pin It