प्रदेश की जेलों में बनती हैं हत्या की योजनाएं

कई मामलों में सामने आई सच्चाई, नहीं होती है कार्रवाई

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की जेलों से रंगदारी मांगने और हत्या की योजनायें बनती है। इसकी जानकारी होने पर पुलिस जहां मूकदर्शक बनी रहती है वहीं अपराधियों के हौसले बुलंद रहते है। कई बार छापेमारी के बाद भी इस तरह के मामले एक बार नहीं कई बार सामने आये है लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई पुलिस के अधिकारी नहीं कर पाते है। देवरिया में एसटीएफ द्वारा पकड़े गये तीन शूटरों का ममला हो या फिर इंस्पेक्टर संजय राय द्वारा लखनऊ में एक किशोर की हत्या कराने का मामला हो। इतना ही नहीं अमरमणि की पत्नी सारा की संदिग्ध मौत में सारा की मां सीमा सिंह ने भी अमरमणि पर जेल में रहते हुये सारा की हत्या का आरोप लगाया।
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कन्हौली निवासी संजय सिंह पुत्र सुदीश सिंह शराब व्यवसाई हैं। उनकी दुकान गौरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित लबकनी मोड़ के समीप है। शराब व्यवसाई ने 14 जुलाई को गौरीबाजार पुलिस को एक तहरीर देकर अवगत कराया था कि गोरखपुर जेल में बंद कुछ शातिर बदमाश व्यवसाई से रंगदारी के रूप में बीस हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गौरीबाजार पुलिस के साथ ही गोरखपुर की एसटीएफ भी सक्रिय हो गई। मुखबिर से पुलिस को पता चला कि मोटर साइकिल सवार तीन शातिर बदमाश शुक्रवार को शराब व्यवसाई की हत्या करेंगे। एसटीएफ व गौरीबाजार पुलिस के संयुक्त अभियान में तीनों बदमाश असलहे व कारतूस के साथ पकड़े गए। पुलिसिया पूछताछ में बदमाशों की पहचान प्रमोद यादव पुत्र लालचंद यादव निवासी ग्राम मोहम्मदपुर पट्टी थाना बरचटी जिला जौनपुर, निखिल कुमार सिंह पुत्र सत्यप्रकाश निवासी ग्राम सेमरा थाना सहजनवा जिला गोरखपुर व अनूप सिंह उर्फ लल्ला पुत्र श्रीदयाल सिंह निवासी ग्राम नर्रे थाना गगहां जिला गोरखपुर के रुप में की गई।

अमरमणि पर लगा सारा की हत्या का आरोप
सारा की मां सीमा सिंह ने भी अपनी बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में अमरमणि पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। सीमा सिंह का आरोप है कि जेल में बंद रहने के दौरान अमरमणि ने साजिश के तहत सारा की हत्या कराई है। इसमें अमनमणि और उसके साथी भी शामिल है।

मांज हत्याकांड की योजना भी बनी थी जेल में
लखनऊ में तैनात इंस्पेक्टर संजय राय और उसके अवैध सम्बंधों को लेकर हर कोई जानता है। मासूम मांज की हत्या की योजना भी जेल में बंद शूटरों ने ही रची थी। हालांकि हत्या किसी और की करनी थी लेकिन शूटरों ने किसी और की हत्या कर दी थी। इस मामले में संजय राय जेल में बंद एक कुख्यात बदमाश से मिलकर पूरी योजना बनाई थी।

व्यवसाइयों के बीच खौफ का पर्याय बना डब्लू
पुलिस के मुताबिक शराब व्यवसाई संजय सिंह की हत्या का तानाबाना शातिर बदमाशों ने गोरखपुर जेल में बुना। रंगदारी की रकम न मिलने से खफा बदमाशों ने शराब व्यवसाई की हत्या करने की योजना बनाई। सवाल उठता है कि इतनी पाबंदियों के बाद भी आखिरकार जेल में मोबाइल फोन कैसे पहुंच जाता है।

गौरीबाजार थाना क्षेत्र के पथरहट गांव का रहने वाला शातिर बदमाश कामेश्वर उर्फ डब्लू सिंह किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अपने ही गांव के बीडीसी सदस्य रहे अरुण सिंह को मौत के घाट उतारने के आरोप में वह गोरखपुर जिला कारागार में कैद है। उसकी काली करतूतों के किस्से आज भी गौरीबाजार की फिजा में तैर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कारागार में कैद होने के बावजूद भी डब्लू अपने उन गुर्गों के संपर्क में है, जो बाहर रहकर उसके नापाक मंसूबे को परवान चढ़ाने के कुकृत्य में जुटे हैं।

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