प्रत्याशियों का हो रहा है साक्षात्कार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी 2017 में होने वाले विधान सभा चुनावो की तैयारी में कमर कस कर जुट गई है। पार्टी ने 169 सीटें चिन्हित कर रखी हैं जिनमें 2012 के विधान सभा चुनावों में पार्टी के प्रत्याशी नहीं जीत सके थे। इन सीटों को जीतने की रणनीति के तहत इनके लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया 23 जुलाई, से शुरू हो गई है। वही 169 सीटों के लिए पार्टी कार्यालय में 1500 आवेदन प्राप्त हुए हैं इनमें से प्रतिदिन लगभग 125 प्रत्याशियों से वार्ता का कार्य प्रारम्भ किया गया है।
समाजवादी पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में कानपुर मण्डल तथा झॉसी मण्डल के प्रत्याशियों से उनके चुनाव क्षेत्रों के समीकरण जानने के साथ उनकी चुनाव संबंधी तैयारियों का भी जायजा लिया गया। इससे पूर्व कल आगरा और अलीगढ़ मण्डल के प्रत्याशियों का साक्षात्कार लिया गया था। विधान सभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन एवं साक्षात्कार का काम समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गठित चयन समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मंत्री कैलाश यादव, शाहिद मंजूर, राज्यमंत्री एवं महासचिव अरविन्द कुमार सिंह गोप, कमाल अख्तर, प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम तथा प्रदेश सचिव एस.आर.एस. यादव शामिल है।
विवि से फर्जीवाड़ा करना पड़ा भारी
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट पर नौकरी कर रहे एसएन राय पर कार्रवाई के बाद अब विवि प्रशासन उनसे नौकरी के दौरान प्राप्त की गई सेलरी की रिकवरी करने की योजना तैयार कर रहा है। विवि प्रशासन को एसएन राय की मार्कशीट फर्जी होने का पता लगने के बाद भी उसे साबित करने में कई साल लग गये। कुलपति एस.बी.निमसे इस योजना की विधिक राय ले रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट का सिलसिला तो काफी पहले से चल रहा था लेकिन उसे कोई उजागर नही कर पा रहा था। लखीमपुर खीरी के फर्जी मार्कशीट के मामले के साथ एसएन राय की फर्जी मार्कशीट का भी खुलासा सामने लाया गया जिसके तहत विवि प्रशासन ने एसएन राय को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। शुरु में सिर्फ उनकी बर्खास्तगी पर सवाल उठा की उन्होंने इतने साल विवि प्रशासन के साथ धोखा धड़ी की है इससे उनको कोई तो दण्ड मिलना ही चाहिए। इसके बाद फर्जी मार्कशीट के मामले में एसएन राय के खिलाफ एफआईआर की गई। इसके बाद भी विवि प्रशासन से धोखाधड़ी करने के एवज़ में विवि प्रशासन अब तक दी गई सैलरी की रिकवरी के लिए योजना तैयार कर रही है। इस मामले की शिकायत खुद उन्हीं के मित्र कालिका पांडेय ने की थी। विवि में ऐसे कई मामले है जो अभी तक उजागर नही हो सके है।

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