प्रतिबद्धता के साथ लागू हो ‘सडक़ सुरक्षा नीति’: सीएम

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाए

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्य सचिव को सडक़ दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित कर सडक़ यातायात को सुरक्षित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और प्रत्येक माह सम्बन्धित विभागों से समन्वय कर समीक्षा बैठक की जाए, जिससे सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सडक़ सुरक्षा नीति’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कराया जाए ताकि लोगों को दुर्घटना का शिकार होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकनिर्माण, गृह, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग द्वारा कार्य योजना बनाकर दुर्घटनाओं को रोके जाने के प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे सडक़ परिवहन को यथासम्भव सुरक्षित बनाया जा सके।
यह बातें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विशाल जनसंख्या वाला राज्य है। सडक़ दुर्घटनाएं रोकने के प्रभावी उपाय किए जाने से बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकेंगी और सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या घटेगी। उन्होंने दुर्घनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से राजमार्गों तथा अन्य मार्गों पर दुर्घटना बाहुल्य स्थलों को चिन्हित कर इस सम्बन्ध में तत्काल कार्य योजना बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने तथा वाहन चालकों के प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सडक़ दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारणों की पहचान कर उनका समाधान ढूंढने का संयुक्त प्रयास किया जाना चाहिए। सडक़ पर पैदल चलने वाले यात्रियों का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाए। यातायात नियमों के कड़े अनुपालन से बड़ी संख्या में लोगों को असमय मौत से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाहन पार्किंग हेतु निर्धारित स्थलों पर ही खड़े किए जाएं क्योंकि सडक़ों के किनारे मनमाने ढंग से वाहन खड़ा करने पर अन्य वाहनों के आवागमन के लिए जगह कम बचती है और दुर्घटनाओं की भी सम्भावना बनी रहती है।
सीएम ने कहा कि सडक़ों के निर्माण प्रस्ताव तैयार करते समय रोड सेफ्टी कम्पोनेन्ट अनिवार्य रूप से शामिल हो और रोड सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाए। सडक़ दुर्घटनाओं के प्रति जन जागरुकता उत्पन्न किए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने ट्रॉमा सेंटरों की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने तथा सडक़ के निकट के अस्पतालों में चिकित्सकों और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए।

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