प्रज्ञा पार्क में धार्मिक आयोजन के मुद्दे को भुनाने में जुटे राजनीतिक दल

गोमतीनगर के संवेदनशील इलाके में पीएसी तैनात

  • हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं पर की गई कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। गोमतीनगर के विनीत खंड-तीन में धार्मिक आयोजन का मुद्दा पुलिस और प्रशासन के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। इसलिए प्रशासन की तरफ से पार्क से जुड़े विवाद को लेकर हंगामा करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में पीएसी तैनात कर दी गई है।
विनीत खंड के प्रज्ञा पार्क में तीन दिन पहले सुंदरकांड का पाठ के आयोजन को लेकर एक समुदाय ने पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की थी। इसको लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये थे। इस मामले को शांत कराने की कोशिश में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गये थे। आखिरकार मंगलवार को दो दिन से सुलग रही चिंगारी ने आग का रूप ले लिया और भीड़ ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को जमकर पीटा। इसमें एसीएम चतुर्थ संजय पांडे और सीओ मोहनलालगंज आलोक कुमार जायसवाल समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस फोर्स को दोनों समुदाय के लोगों को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पार्क के आस-पास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात है।
क्या है पूरा मामला
एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि गोमतीनगर के विनीत खंड-3 स्थित प्रज्ञा पार्क में एक पक्ष धार्मिक आयोजन करना चाहता है। इस को लेकर दूसरे पक्ष ने विरोध दर्ज करवाया है। मामला दो अलग-अलग संप्रदायों का होने की वजह से क्षेत्र में कई दिनों से तनाव है। पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता कराने का प्रयास किया था और दोनों रजामंद भी थे। इसी बीच मंगलवार को कुछ शरारती तत्वों ने फिर से धार्मिक आयोजन की बात फैला दी। देर शाम कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करके मामला काबू में करने की कोशिश की गई। इसमें दो बीजेपी युवा नेता अभिजात मिश्रा और मनकामेश्वर वार्ड के बीजेपी पार्षद रंजीत सिंह को पुलिस ने मौके से अरेस्ट कर लिया था। इसलिए इनकी गिरफ्तारी के विरोध में लडक़ों ने पुलिस बल पर हमला किया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया। हालांकि घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश भी शुरू हो गई है। इस घटना को लेकर मौके पर बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष विधायक गोपाल टण्डन, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय सहित वरिष्ठ नेता भी पहुंच गये थे।
डीआईजी आर के एस राठौर ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है। स्थानीय लोग सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल मामला शांत करा दिया गया है, पूरे प्रकरण पर जांच बैठाई जाएगी। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और फोटो में उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इस बात का पता लगाया जाएगा कि क्या किसी स्तर पर पुलिस की तरफ से लापरवाही बरती गई, अगर ऐसा पाया गया तो कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी राजशेखर ने बताया कि गोमतीनगर में स्थिति नियंत्रण में है। इस घटना में 11 लोगों को पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया था लेकिन मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। क्षेत्र में पीएसी तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही लोकल इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी एलर्ट कर दिया गया है।

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