पैसे लेकर रोक दिया जाता है तबादले का आदेश

वित्त विभाग के कर्मचारी कर रहे हैं तमाशा

  • समाज कल्याण निदेशालय के मुख्य वित्त लेखाधिकारी के तबादले का आदेश एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नहीं पहुंचा निदेशालय में
  • मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना समाजवादी पेंशन योजना का काम ठप्प, एक सप्ताह से वित्त की सलाह के कारण रुकी हुई हैं फाइलें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। वित्त विभाग की माया निराली है। यहां से तबादले का आदेश तो किया जाता है मगर विभाग में नहीं भेजा जाता। कागजों में भले ही तबादला दिखा दिया जाता हो मगर तबादला किये गये व्यक्ति को पूरा मौका दिया जाता है कि वह अपनी कोशिशों से तबादले को रोकने का प्रयास करे और न रुक पाने पर अदालत का दरवाजा खटखटाये। यह बात दीगर है कि ऐसा करने के लिये विभाग के लोगों की जेब गर्म करनी पड़ती है। वित्त विभाग के लोगों के इस भ्रष्टचार के चलते मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना समाजवादी पेंशन योजना के कामकाज भी पिछले एक सप्ताह से नहीं हो पा रहे।

समाज कल्याण निदेशालय के मुख्य वित्त लेखाधिकारी अखिलेश का तबादला बांदा कर दिया गया। यह विभाग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी विभाग से मुख्यमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजना समाजवादी पेंशन योजना का संचालन होता है। तबादले की खबर अखबार में छप गयी। तत्काल अखिलेश ने वित्त विभाग के लोगों से सम्पर्क किया कि उनका आदेश विभाग में न भेजा जाये। इसके लिये वित्त विभाग के लोगों की जेबें गर्म कर दी गईं और फिर ऐसा ही हुआ।

अखबार में छपते ही अखिलेश अपना चार्ज किसी को दिये बिना छुट्ïटी पर चले गये और विभाग का कामकाज ठप्प हो गया। इतने महत्वपूर्ण विभाग में पिछले सात दिनों से कोई काम नहीं हो पा रहा क्योंकि विभाग के मुख्य वित्त लेखाधिकारी बिना बताये छुट्ïटी पर चले गये और वित्त विभाग से आज तक उनके तबादले का आदेश समाज कल्याण निदेशालय में नहीं पहुंचा। इस संबंध में पूछे जाने के लिये वित्त विभाग की सचिव कामिनी रत्न चौहान के मोबाइल पर कई बार फोन किया गया मगर उन्होंने नहीं उठाया। उनके दफ्तर के लैंडलाइन पर फोन करने पर बहुत बदतमीजी से जवाब दिया गया कि हमें मैडम के बारे में नहीं पता।

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