पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था चरमराई

  • पूरे प्रदेश में 10 हजार नर्सेज, 8 हजार एलोपैथिक फार्मासिस्ट सहित कई संवर्गों के कर्मचारी हड़ताल पर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
11लखनऊ। प्रदेश भर में पैरामेडिकल स्टाफ आज हड़ताल पर है। इस कारण पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज भगवान भरोसे चल रहा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। ऐसे में कई अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की झड़प भी हुई। राजधानी के लोहिया अस्पताल में मजबूरन पुलिस को बुलाना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ।
मुख्य सचिव से सोमवार की शाम नर्सेज संघ,फार्मासिस्ट संघ तथा लैब टेक्निशियन संघ के नेताओं की वेतन उच्चीकरण तथा पदोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर हुई वार्ता पूरी तरह विफल हो गयी थी। इसलिए पैरामेडिकल स्टाफ ने आज प्रदेश भर में काम बंद रखने का फैसला किया। प्रदेश में 10 हजार नर्सेज, 8 हजार एलोपैथिक फार्मासिस्ट, लैब व एक्सरे टेक्नीशियन सहित कई अन्य संवर्ग के कर्मचारियों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। इससे पूरे प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी। डेंगू ,मलेरिया व बुखार से पटे पड़े अस्पतालों में मरीजो का इलाज बंद हो गया। वहीं इलाज के लिए सुबह अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे मरीजों को चिकित्सकों ने दवा तथा जांच लिख कर तो दिया लेकिन दवा काउंटर और पैथालॉजी बंद होने की वजह से लोगों को मायूस लौटना पड़ा। लखनऊ से लेकर रायबरेली, गाजीपुर,गोण्डा सरीखे जिलों में इलाज न मिलने के चलते दिन भर तोडफ़ोड़ व हंगामे का दौर चलता रहा । अस्पताल प्रशाासन को पुलिस तक बुलानी पड़ी। लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात ही साबित हुआ। मरीजों को इलाज नहीं मिला। इलाज न मिलने की सूरत में राजधानी के अस्पतालों की इमरजेन्सी में पहुंचे मरीजों को जान बचाने के लिए निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ा। इन सब के बावजूद जिम्मेदार मौन साधे रहे । राजधानी के तीन बड़े अस्पतालों डॉ. राममनोहर लोहिया ,डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा बलरामपुर अस्पताल के साथ ही लोकबन्धु से लेकर रानीलक्ष्मीबाई, भऊराव देवरस तथा 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ही 8 बाल महिला चिकित्सालयों में जांच तथा दवा काउन्टरों पर हड़तालियों ने ताला बंद कर दिया।

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