‘पेशाब में रुकावट की परेशानी होने पर डाक्टर सेलें सलाह’

  • 26 मरीजों में सफल रहा किडनी ट्रांसप्लांट

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रो.अनीस श्रीवास्तव ने कहा कि पेशाब को नियंत्रित करने वाले पोस्टीरियर यूरेथ्रल वाल्व की खराबी की वजह से खराब होने वाली किडनी के मरीजों में सफल गुर्दा प्रत्यारोपण संभव है। पीजीआई के किडनी ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट टीम मे ऐसे 26 मरीजों में किडनी ट्रासप्लांट को सफल बनाया है। उन्होंने कहा कि पेशाब के समय दर्द या रुकावट की परेशानी होने पर यूरोलाजिस्ट से सलाह लेना चाहिए।
प्रो. श्रीवास्तव ने यह जानकारी पीजीआई के संस्थान में लोवर यूरनरी ट्रैक्ट डिसफंक्शन विषय पर आयोजित सेमीनार में दी। उन्होंने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के साथ मूत्राशय के काम को भी ठीक करना होता है नहीं तो ट्रांसप्लांट के बाद प्रत्यारोपित किडनी भी काम करना बंद कर देती है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं किडनी ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट प्रो.राकेश कपूर ने बताया कि यूरेथ्रल वाल्व में जन्मजात या दूसरे कारण परेशानी के कारण पेशाब के समय दर्द व रुकावट की परेशानी होती है। इसके कारण तीस फीसद लोगों में किडनी खराब होने की आशंका रहती है। इनमें पहले मूत्राशय का इलाज करते है फिर किडनी ट्रांसप्लांट किया जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि पेशाब लाल रंग का हो रहा है तो तुरंत यूरोलाजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। किडनी में स्टोन, मूत्राशय मे कैंसर, यूरनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन के कारण पेशाब में लाल रक्त कणिकाएं आती है, जिससे पेशाब का रंग लाल होता है। इसे हेमचुरिया कहते हैं। हम कारण का पता लगा कर सही इलाज की दिशा तय करते हैं।

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