पेपर ज्वैलरी से मिली वर्षा को नई उड़ान

लखनऊ। जरूरी नहीं है कि इंसान डॉक्टर, इंजीनियर बनकर ही पैसा और शोहरत हासिल करे। हुनर हो Captureतो छोटा काम भी बड़ा बन जाता है और वही काम इंसान को शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा देता है। लखनऊ की वर्षा श्रीवास्वत ने कभी नहीं सोचा था कि अचानक दिमाग में आया एक विचार उनकी जिदंगी बदल देगा। वर्षा ने शौकिया तौर पर पेपर से ज्वैलरी बनाने का काम शुरू किया लेकिन आज उनके इसी शौक ने उन्हें समाज में एक पहचान देने के साथ आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है।
राजाजीपुरम निवासी वर्षा श्रीवास्तव को बचपन से ज्वैलरी आकर्षित करती थी। जब वह छोटी थीं तो अपनी मां से जिद करके अपने लिए ज्वैलरी खरीदवाती थीं। उस समय न तो वर्षा ने सोचा था और न ही उनके माता-पिता ने कि ज्वैलरी का शौक वर्षा को ज्वैलरी डिजायनर बना देगा। एक बार पेपर कटिंग करते वक्त वर्षा के दिमाग में आया की क्यों न इससे ज्वैलरी बनाई जाये। उन्होंने कोशिश की और एक सुंदर सी रिंग बनाई। घरवालों को दिखाया तो सबने सराहा। बाहर के लोगों को दिखाया तो लोगों ने खरीदने की इच्छा जाहिर की। फिर क्या, वर्षा ने इसी में अपना कॅरियर बनाने की ठान ली।
2014 में वर्षा के क्रिएशन की शुरुआत हुई और आज आलम यह है कि वर्षा की बनायी पेपर ज्वैलरी की बाजार में भारी डिमांड है। पेपर ज्वैलरी को लड़कियों से लेकर महिलाओं तक खूब पंसद कर रही हैं। वर्षा कहती हैं कि मुझे डिजाइनिंग करना बहुत पसंद है। मेरे यहां जितनी भी ज्वैलरी बनती है उसकी डिजाइन मैं ही करती हूं। एक कागज के टुकड़े को ज्वैलरी के रूप में देखने का सफर बहुत ही मनोरंजक होता है। जब लोग मेरी बनाई ज्वैलरी को पंसद करते हैं तो मुझे और अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है।
वर्षा बताती हैं कि पेपर ज्वैलरी बनाने के लिए पहले रॉ मटेरियल तैयार किया जाता है। फिर इसे हाथ से विभिन्न आकृतियों में ढाला जाता है। इसमें क्वैलिन और नार्मल पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। आकर्षक और सजावटी बनाने के लिए मोती, नग, सितारे तथा अन्य सजावटी सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है।

पेपर ज्वैलरी से नहीं होती एलर्जी
कई लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है और उन्हें मेटल से एलर्जी या रिएक्शन की समस्या हो जाती है। लेकिन पेपर ज्वैलरी से ऐसा नहीं होता। पेपर ज्वैलरी में इयररिंग, ब्रेसलेट, सिंगल पेंडेंट सेट तैयार किए जाते हैं। यह फंकी लुक, सिंपल लुक के तौर पर काफी पसंद की जाती है। और तो और पानी के संपर्क में आने पर भी पेपर ज्वैलरी खराब नहीं होती और न ही इस पर पसीने का असर होता है। मेटल ज्वैलरी की अपेक्षा इसकी कीमत काफी कम होती है। कुछ समय तक यूज करने के बाद इन्हें फेंका जा सकता है।

कम कीमत में उपलब्ध है डिजायनर गहने
हमारे सामने जब सुंदर ज्वैलरी दिखती है तो दिमाग में सबसे पहले रेट आता है। डिजायनर ज्वैलरी और वह भी आकर्षक हो तो सबसे पहले यही महसूस होता है कि दाम बहुत ज्यादा होगा। लेकिन पेपर ज्वैलरी के साथ ऐसा नहीं है। पेपर से बनी ज्वैलरी हर बजट के लोगों के लिए है। मात्र 49 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक की पेपर ज्वैलरी उपलब्ध है।

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