पेटीएम का इस्तेमाल कर चीन को मजबूत कर रहा भारत, विपक्ष ने मोदी को घेरा

पेटीएम में है चीन की कंपनी अलीबाबा की 40 फीसदी की भागीदारी 

नोटबंदी के बाद पेटीएम का कारोबार तीन सौ गुना बढ़ा
कंपनी के विज्ञापन में खुद प्रधानमंत्री मोदी प्रचार करते नजर आए
विपक्ष ने केंद्र सरकार पर लगाए विदेशी कंपनियों को मजबूत करने के आरोप

paytm-screenshotसंजय शर्मा
लखनऊ। राष्टï्रवाद की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले और स्वदेशी को बढ़ावा देने का दावा करने वाले आजकल चीन को मजबूत करने में जुटे हैं। ये दावा सुनकर भले ही आप चौंक जाए मगर यह है हकीकत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस पेटीएम कंपनी का प्रचार करते नजर आ रहे हैं उस कंपनी में चालीस फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी चीन की एक बड़ी ई-कामर्स कंपनी अलीबाबा की है। मतलब साफ है अगर पेटीएम 1000 रुपए मुनाफा कमाती है तो 400 रुपए का फायदा चीन की कंपनी अलीबाबा को होगा। नोटबंदी के बाद पेटीएम का कारोबार तीन सौ गुना बढ़ा है। देश का आम आदमी भले ही चीन की सौ रुपए की झालर न लगाने के लिए प्रतिबद्ध हो, मगर देश के कर्ता-धर्ताओं को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि उनके एक फैसले से भारत के सबसे बड़े विरोधी कहे जाने वाले चीन को कितना फायदा हो रहा है।
ये महज संयोग ही है या फिर सोची-समझी साजिश कि नोटबंदी की घोषणा से कुछ दिन पहले ही पेटीएम ने अपना आक्रामक प्रचार शुरू कर दिया था, तब लोग सोच रहे थे कि कैश ट्रांजेक्शन को रोककर ई-पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए पेटीएम ने ये काम शुरू किया है। इसके तुरंत बाद जब पेटीएम के विज्ञापन में खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका प्रचार-प्रसार करते नजर आए तो लोगों के बीच यह बात पुख्ता हो गई कि पेटीएम के इस्तेमाल करने से कहीं न कहीं हम प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को पूरा करेंगे। लिहाजा हर आदमी पेटीएम की ब्रॉडिंग में जुट गया। चीन की यह शातिर कंपनी जानती है कि भारत के लोग भावनाओं में ज्यादा बहते हैं और उन्हें आसानी से मूर्ख बनाया जा सकता है। पीएम मोदी का फोटो सहित विज्ञापन देना इसी रणनीति का हिस्सा था। पीएम के पेटीएम कंपनी के पक्ष में प्रचार करने से लोग उनकी कंपनी की तरफ आकर्षित होंगे और उनका व्यापार कई गुना बढ़ जाएगा और हुआ भी ऐसा ही।
पेटीएम के सामने अगली बड़ी समस्या इस बात की थी कि लोगों के बीच यह संदेश न जाए कि पेटीएम कंपनी का 40 फीसदी मुनाफा चीन को जाएगा। पेटीएम जानती थी कि अगर यह बात आम जनता तक पहुंच गई तो जनता में भारी नाराजगी उत्पन्न हो जाएगी और वह किसी कीमत पर पेटीएम का इस्तेमाल नहीं करेगी। पेटीएम के आला अधिकारियों ने भारत में अलग-अलग स्थानों पर सर्वे करके यह भी बता दिया था कि भारत और चीन के बिगड़ते संबंधों के बाद देश के आम लोगों के बीच चीन को लेकर बहुत गुस्सा है। साथ ही यह भी बताया कि भारतीय, देश और देशभक्ति के मामले में बेहद संवेदनशील हैं और वह किसी भी कीमत पर वह देश के खिलाफ कोई बात सहन नहीं कर सकते। पेटीएम के आला अफसर यह भी जानते थे कि दीपावली पर चीन से बढ़ते तनाव के कारण लोगों ने चीन की झालर लेना बंद कर दिया था।
पेटीएम की रणनीति यही थी कि किसी भी कीमत पर मीडिया और विपक्ष के नेताओं को मैनेज किया जाए ताकि पेटीएम से चीन के रिश्तों की बात कम से कम सबके सामने आए। यही कारण था कि पेटीएम ने हजारों करोड़ का विज्ञापन मीडिया को दिया, जिससे बड़े मीडिया हाउस पेटीएम और चीन के रिश्तों की बात पर ज्यादा हंगामा न करें। मजे की बात यह है कि पेटीएम अभी तक अपने इस मंसूबे में कामयाब होती नजर आ रही है।
सवाल यह है कि क्या पीएम मोदी यह बात नहीं जानते थे कि अगर वह पेटीएम को बढ़ावा देंगे तो कहीं न कहीं चीन को मजबूत करेंगे। जाहिर है यह ऐसी बातें हैं जिसका जवाब देर-सबेर पीएम और सरकार को देना ही होगा।
 

भाजपा झूठ, धोखा और फरेब का पर्याय है। उसकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। नोटबंदी में भाजपा ने सबसे बड़ा घोटाला किया है। इसमें एक सतत प्रक्रिया अपनाई जा रही है जिससे भाजपा नेताओं व पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा सके। विदेशी कंपनियों से मिलने वाले कमीशन के चलते पेटीएम को बढ़ावा दिया जा रहा है। भाजपा जनता को देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है लेकिन अपने लाभ के लिए विदेशी कंपनियों के आगे हमेशा से झुकती रही है।

-प्रमोद तिवारी, सांसद, कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने नहीं कहा है कि पेटीएम का इस्तेमाल करें। नोटबंदी के बाद कैशलेस प्रक्रिया को बढ़ावा देने और लेन-देन में पारदर्शिता के लिए पीएम ने ई-पेमेंट की अपील की है। जिसके लिए एटीएम, चेक, नेट बैंकिंग या अन्य साधन जो आसान लगें, उसे जनता व्यवहार में लाए। सरकार ने किसी एक कंपनी के लिए कभी कोई निर्देश या अपील नहीं की है। विपक्षी दल केंद्र को बदनाम करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

-हृदय नारायण दीक्षित मुख्य प्रवक्ता, भाजपा
भाजपा अपने नारों से देश को सिर्फ उलझाती है। कभी राम तो कभी सेना का सहारा लेकर लोगों को बेवकूफ बनाती है। केंद्र सरकार काम और नीयत दोनों ही मामलों में फेल है। एफडीआई का विरोध करने वाली भाजपा अब सौ प्रतिशत एफडीआई ले आई। चीन के सामान का बहिष्कार करने वाली भाजपा अब चीन के व्यापारी की शेयर वाली पेटीएम से लेन-देन की बात कर रही है। प्रधानमंत्री विदेशी कंपनियों के आगे गिडगिड़ाते रहते हैं।
-वैभव माहेश्वरी  प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

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