पेंशन के पेंच में आवास-विकास परिषद के कर्मचारी

  • बिना फंड का गठन किए ही बांटी जा रही पेंशन
  • वर्तमान कर्मियों के जीपीएफ में घोटाले का अंदेशा
  • शासनादेश के बाद भी नहीं हुआ पेंशन ट्रस्ट का गठन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश सरकार के शासनादेश के बावजूद भी अभी तक पेंशन ट्रस्ट का गठन नहीं किया गया है। आवास विकास परिषद में कार्यरत कर्मचारियों को डर सता रहा है कि रिटायर कर्मचारियों को जो पेंशन बांटी जा रही है, वह कहीं उनका जीपीएफ फंड काट कर तो नहीं दी जा रही है। क्योंकि परिषद के कर्मचारी संगठन का मानना है कि पेंशन के लिए कोई फंड अभी तक सृजित नहीं किया गया है। वहीं पेंशन में सरकार द्वारा कोई योगदान भी नहीं दिया जा रहा है, तो क्या परिषद अपने ही संसाधनों से इसका भार उठायेगी। जबकि नियमानुसार परिषद में किसी प्रक्रिया का निर्धारण शासन के आदेशों के अनुसार किया जाना चाहिए। ताकि कोई भी फंड किस प्रक्रिया द्वारा कहां से आयेगा और कैसे वितरित किया जाएगा सुनिश्चित हो सके।
अभी तक नहीं बना है पेंशन ट्रस्ट
कर्मचारी संगठनों की मानें तो आवास-विकास परिषद में पेंशन योजना एक जनवरी 1996 को लागू हुर्ई थी। जो ३१ मार्च २००५ तक नियुक्त हुए कर्मियों को मिलती थी। इसके लिए परिषद द्वारा जो पेंशन ट्रस्ट का गठन होना था, वह अब तक गठित नहीं हुआ है।
शासनादेश के बाद भी अभी तक नहीं हुआ लागू
सरकार के शासनादेश के बावजूद भी अभी तक परिषद द्वारा जो पेंशन ट्रस्ट का गठन किया जाना था अभी तक नहीं लागू हो पाया है। सूत्रों की माने तो पेंशन ट्रस्ट के लिए ७-05-2003 को शासनादेश का गठन हुआ था। इसके बाद १९ मई २००९ को गजट प्रकाशन के लिए सूची जारी हुई थी। २३ मई २००९ को शासनादेश लागू करने का आदेश हुआ था। किन्तु अभी तक पेंशन ट्रस्ट का गठन नहीं किया गया है।
जानकारी देने से बच रहे अधिकारी
पेंशन ट्रस्ट के गठन पर जब वित्त लेखा सहायक जनार्दन से पूछा गया तो उन्होंने माना कि हां अभी तक पेंशन ट्रस्ट का गठन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि परिषद के पास पैसा है या नहीं, फंड है या नहीं। इसके तहत ही इसका गठन किया जा सकेगा। इसके आगे जानकारी देने से बचने के लिए उन्होंने दूसरे अधिकारी के
पास पूरी जानकारी मिलने की बात कहते हुए भेज दिया।
जिम्मेदार झाड़ रहे पल्ला
परिषद द्वारा पेंशन ट्रस्ट का अब तक गठन नहीं किये जाने पर जब वित्त नियंत्रक रंजन मिश्र से पूछा गया तो उन्होने बात को टालते हुए जानकारी न देते हुए मोबाइल फोन डिसकनेक्ट कर दिया।
कर्मचारियों के मन में है डर कहीं फंड से तो नहीं बंट रही पेंशन

परिषद में कार्य कर रहे कर्मचारियों के मन में डर है कि यहां सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को जो पेंशन बांटी जा रही है। वह कहीं उनके काटे जा रहे जीपीएफ फंड से तो नहीं दी जा रही है। क्योंकि अभी तक पेंशन के लिए कोई फंड सृजित नहीं किया गया है। सूत्रों की माने तो अगर जल्द ही पेंशन ट्रस्ट का गठन नहीं किया गया, तो आगे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को पेंशन मिलने में काफी दिक्कतें आ सकती हैं।

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