पूर्व डीआईजी के बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

चाकू से हुये वार, लोग जता रहे हत्या की आशंका

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूर्व डीआईजी के बेटे का खून से लथपथ शव संदिग्ध स्थितियों में उसके कमरे में पड़ा मिला। उसके गर्दन और पेट को चाकू से रेता गया था। परिजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। जिसकी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। क्षेत्रीय लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्टï हो सकेगा।
अलीगंज के सेक्टर.बी, मकान नम्बर-44 निवासी पूर्व डीआईजी वासुदेव लाल के दो बेटे ज्ञानेन्द्र कुमार 52वर्ष और राजेन्द्र कुमार रहते हैं। वासुदेव और उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। इस मकान में दो भाइयों के साथ ही उनका चचेरा भाई संदीप भी रहता था। बताया जा रहा है कि ज्ञानेन्द्र कुमार मानसिक रूप से विक्षिप्त था। राजेन्द्र के मुताबिक बीती रात चचेरा भाई संदीप पानी पीने के लिए उठा तो उसने देखा कि ज्ञानेन्द्र खून से लथपथ अपने कमरे में पड़ा हुआ है। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ज्ञानेन्द्र अविवाहित था।
राजेन्द्र के मुताबिक ज्ञानेन्द्र का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उसने खुद अपने शरीर पर चाकू से वार करके घायल कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज्ञानेन्द्र के गले में चाकू के तीन और पेट में करीब 9 बार रेते जाने के निशान मौजूद थे। इस मामले में जानकारों का कहना है कि ज्ञानेन्द्र ने खुद को चाकू से रेता है। यह बात गले के नीचे नहीं उतर रही है। एक वार में मौत हो जाए तो बात मानी जा सकती है लेकिन गले को तीन बार रेतना इंसान के बस की बात नहीं है।
ट्रामा सेंटर में ज्ञानेन्द्र को मृत घोषित करने के बाद चिकित्सकों ने चौकी इंचार्ज ट्रामा सेंटर को जानकारी दी। उसके बाद अलीगंज पुलिस इस घटना की बारे में पता चला। परिजनों ने खुद पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। साथ ही जब पुलिस पूछताछ करने गई तो पुलिस भी परिजनों की जुबान बोलने लगी। मानसिक विक्षिप्त के पास चाकू कैसे आया। जब वह खुद को चाकू मार रहा था तो क्यों किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी। इन सभी सवालों के जवाब अलीगंज पुलिस देने में नाकाम साबित हो रही है। वहीँ राजेंद्र द्वारा पुलिस को अदर्ब में लेने की बात भी कई सवाल खडे कर रही है।

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